राष्ट्रीय लोक अदालत सम्पन्न
खेतिया।राष्ट्रीय लोक अदालत में परस्पर समन्वय और आपसी सहमति के आधार पर मामलों का निराकरण होने से पक्षकारों के बीच वैमनस्य बढ़ने की बजाय सौहार्द कायम रहता है। यही कारण है कि राष्ट्रीय लोक अदालत आमजन को त्वरित, सरल और कम खर्चीला न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बनती जा रही है। उक्त बात न्यायाधीश श्रीमती नीलम खटाना ने लोक अदालत के शुभारंभ के अवसर पर कही
जिला सत्र एवं प्रधान न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री महेंद्र जैन के मार्गदर्शन में खेतिया न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ मा सरस्वती व महात्मा गांधी जी की चित्र का पूजन कर न्यायाधीश श्रीमती नीलम खटाना ने उपस्थित अभिभाषाको,अधिकारी कर्मचारियों व पक्षकारों की उपस्थिति में किया।राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न वसूली प्रकरणों में छूट दी जाती है
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के प्रकरणों का आपसी समझौते से निराकरण किया गया। न्यायालयों में लंबित मामलों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन प्रकरणों में भी पक्षकारों ने सहमति के आधार पर समाधान स्वीकार किया। बैंक वसूली, पारिवारिक विवाद, चेक अनादरण तथा राजीनामा योग्य आपराधिक मामलों सहित कई प्रकरणों का मौके पर ही निपटारा किया गया।सम्पन्न लोक अदालत में 30प्रकरणों का निराकरण करते हुए₹- 233560/-की वसूली करते हुए 50,पक्षकार लाभान्वित हुए।
इस दौरान लोक अदालत खंडपीठ सुलहकर्ता अभिभाषक भगवान गवले अभिभाषक संघ अध्यक्ष संजय पटेल,अभिभाषककपिल शाह,संजय पंडित, ,मनीष अशर्मा, जमील मंसूरी,गौरव सोनी,सुश्री कोमल सोनी,बैंक नप व न्यायलयीन कर्मचारी उपस्थित रहे
खेतिया से जितेन्द्र जोशी की रिपोर्ट

