नवरात्रि, सहजयोग ध्यान द्वारा सूक्ष्म चक्रों पर शक्तियों की जागृति का स्वर्णिम अवसर
नवरात्रि भारतीय संस्कृति में आदिशक्ति की आराधना का पावन पर्व है। सहज योग में नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। सहज योग की साधना में साधक नियमित ध्यान के साथ देवी के विभिन्न स्वरूपों का ध्यान करते हुए अपने सूक्ष्म शरीर के चक्रों पर मन को एकाग्र करते हैं। परमपूज्य श्री माताजी निर्मला देवी द्वारा प्रणीत सहज योग में चक्रों के ध्यान और आत्मसाक्षात्कार के माध्यम से मनुष्य अपनी आंतरिक शक्तियों और गुणों को जागृत करने का प्रयास करता है।
प्रथम दिन माँ शैलपुत्री की आराधना के साथ मूलाधार चक्र पर ध्यान किया जाता है। यह चक्र अबोधिता, विवेक और संतुलन का आधार माना जाता है।
दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी के स्वरूप के साथ स्वाधिष्ठान चक्र पर ध्यान किया जाता है, जो शुद्ध विद्या, रचनात्मकता और कलात्मकता से जुड़ा है।
तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा की उपासना नाभि या मणिपुर चक्र पर ध्यान के साथ की जाती है। यह चक्र संतोष, शांति और धर्मपरायणता के गुणों को विकसित करने में सहायक माना जाता है।
चौथे दिन माँ कूष्मांडा के स्वरूप की आराधना करते हुए अनाहत या हृदय चक्र पर ध्यान किया जाता है, जिससे निर्भयता और आत्मविश्वास का विकास होता है।
पांचवें दिन माँ स्कंदमाता की उपासना विशुद्धि चक्र के ध्यान के साथ की जाती है। सहज योग में यह चक्र साक्षी भाव और मधुर वाणी से संबंधित माना जाता है।
छठे दिन माँ कात्यायनी की आराधना करते हुए आज्ञा चक्र पर ध्यान किया जाता है। इसका प्रमुख गुण क्षमाशीलता है।
सातवें दिन माँ कालरात्रि की आराधना सहस्रार चक्र के ध्यान के साथ की जाती है। सहज योग में सहस्रार को शुद्ध चेतना और दिव्य अनुभूति का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
अष्टमी के दिन माँ महागौरी की आराधना सहस्रार के ऊपर स्थित दिव्य शक्ति के ध्यान के रूप में की जाती है।
नवमी को माँ सिद्धिदात्री की पूजा होती है। सभी चक्रों के संतुलन के उपरांत साधक में विभिन्न गुणों का विकास होता है और वह संतुलित एवं सर्वगुणसंपन्न जीवन की ओर अग्रसर होता है।
परमपूज्य श्री माताजी निर्मला देवी ने मानव को ईश्वरीय अनुभूति और आत्मसाक्षात्कार का मार्ग प्रदान करने के उद्देश्य से सहज योग की स्थापना की। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर सहज योग को समझने, ध्यान से जुड़ने और आत्मसाक्षात्कार प्राप्त करने के लिए अपने निकटतम सहज योग ध्यान केंद्र की जानकारी टोल-फ्री नंबर 1800 2700 800 अथवा www.sahajayoga.org.in प्राप्त की जा सकती है। सहज योग पूर्णतया निःशुल्क है।

