अमेरिका में करीब 50 लाख भारतीय मूल के लोग, मेहनत और प्रतिभा से बनाई मजबूत पहचान
शुरुआत खेतों और रेलमार्गों पर काम से, आज टेक्नोलॉजी, चिकित्सा, शिक्षा, कारोबार और प्रशासन तक भारतीयों की मजबूत मौजूदगी
विशेष रिपोर्ट। अमेरिका और भारत के संबंधों की चर्चा जब भी होती है, उसमें अमेरिका में बसे भारतीय समुदाय की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। आज भारतीय मूल के लोग अमेरिका के सबसे प्रभावशाली प्रवासी समुदायों में शामिल हैं। उपलब्ध नवीन आंकड़ों के अनुसार अमेरिका में भारतीय मूल की आबादी करीब 49 से 52 लाख के बीच आंकी जाती है। Pew Research Center के विश्लेषण में 2023 में करीब 48.6 लाख लोगों ने स्वयं को भारतीय मूल का बताया, जबकि अमेरिकी जनगणना ब्यूरो के एक अन्य अनुमान के आधार पर यह संख्या करीब 52 लाख है। भारतीय अमेरिकी अमेरिका की एशियाई मूल की आबादी का लगभग 21 प्रतिशत हैं।
भारतीय अमेरिका कब से जाने लगे?
भारतीयों का अमेरिका जाना कोई नई कहानी नहीं है। भारतीय प्रवासियों की शुरुआती उल्लेखनीय मौजूदगी 19वीं सदी में दिखाई देने लगी थी। शुरुआती दौर में पंजाब क्षेत्र से गए कई भारतीय कैलिफोर्निया पहुंचे और खेती, लकड़ी उद्योग तथा रेलमार्ग निर्माण जैसे क्षेत्रों में काम करने लगे। उस समय उनकी संख्या बहुत कम थी और एशियाई लोगों के अमेरिका आने पर कई कानूनी पाबंदियां भी लगाई गई थीं।
भारतीय प्रवास के इतिहास में सबसे बड़ा बदलाव 1965 में आया। अमेरिका के Immigration and Nationality Act ने राष्ट्रीय मूल पर आधारित पुराने कोटा सिस्टम को समाप्त किया। इसके बाद उच्च शिक्षित डॉक्टरों, इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और दूसरे पेशेवर भारतीयों के लिए अमेरिका जाने के रास्ते तेजी से खुले। इसके बाद भारतीय आबादी लगातार बढ़ती चली गई।
25 वर्षों में तेजी से बढ़ी भारतीय आबादी
साल 2000 में अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की आबादी करीब 17.8 लाख थी। 2010 में यह बढ़कर 29.3 लाख, 2019 में करीब 44.2 लाख और 2023 में लगभग 48.6 लाख हो गई। यानी 2000 से 2023 के बीच भारतीय मूल की आबादी में लगभग 174 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
2023 के आंकड़ों में करीब 32.1 लाख भारतीय मूल के लोग प्रवासी यानी अमेरिका के बाहर जन्मे थे, जबकि लगभग 16.5 लाख अमेरिका में जन्मे थे। इससे स्पष्ट है कि अब अमेरिका में भारतीयों की दूसरी और तीसरी पीढ़ी भी तेजी से बड़ी हो रही है।
पढ़ाई और कमाई में भारतीयों का बड़ा स्थान
अमेरिका में भारतीय समुदाय की सबसे बड़ी ताकत शिक्षा और प्रोफेशनल स्किल मानी जाती है। 2023 के आंकड़ों के अनुसार अमेरिका में बसे भारतीय प्रवासी वयस्कों में करीब 81 प्रतिशत के पास कम से कम बैचलर डिग्री थी। भारतीय प्रवासी परिवारों की औसत आर्थिक स्थिति भी अमेरिका के कई दूसरे प्रवासी समूहों की तुलना में मजबूत है। 2023 में भारतीय प्रवासी परिवारों की मीडियन हाउसहोल्ड इनकम करीब 1,66,200 डॉलर सालाना दर्ज की गई थी।
आईटी, सॉफ्टवेयर, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, फाइनेंस, शिक्षा और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में भारतीयों की विशेष मौजूदगी है। H-1B जैसे हाई-स्किल वर्क वीजा में भी भारतीय लंबे समय से सबसे प्रमुख समूहों में हैं। वित्त वर्ष 2023 में H-1B मंजूरियों में भारतीय नागरिकों की हिस्सेदारी लगभग 72 प्रतिशत थी।
कहां सबसे ज्यादा बसे हैं भारतीय?
भारतीय प्रवासी विशेष रूप से कैलिफोर्निया, टेक्सास, न्यू जर्सी, इलिनॉय और न्यूयॉर्क जैसे राज्यों में बड़ी संख्या में बसे हुए हैं। 2020-24 के आंकड़ों के अनुसार लगभग हर पांच में से एक भारतीय प्रवासी कैलिफोर्निया में रहता था, जबकि करीब 12 प्रतिशत टेक्सास और 10 प्रतिशत न्यू जर्सी में रहते थे।
आज अमेरिका में भारतीयों की पहचान केवल प्रवासी कामगार के रूप में नहीं रह गई है। भारतीय मूल के लोग बड़ी कंपनियों के नेतृत्व, स्टार्टअप, चिकित्सा, विश्वविद्यालयों, विज्ञान, टेक्नोलॉजी और सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रहे हैं।
खेतों से हाईटेक तक का सफर
करीब दो सदियों की इस यात्रा को देखें तो भारतीय समुदाय ने अमेरिका में लंबा सफर तय किया है। शुरुआती भारतीय जहां खेती, लकड़ी और रेल निर्माण जैसे कामों से जुड़े थे, वहीं आज भारतीय मूल के लोग अमेरिका की हाई-स्किल अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
यह कहानी केवल अमेरिका जाने वाले भारतीयों की नहीं, बल्कि शिक्षा, मेहनत और अवसर के सहारे एक प्रवासी समुदाय द्वारा दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक में अपना मजबूत स्थान बनाने की कहानी भी है।नोट: “अमेरिका में कितने भारतीय हैं” का आंकड़ा परिभाषा के अनुसार थोड़ा बदलता है—सिर्फ भारत में जन्मे प्रवासियों की संख्या करीब 32 लाख है, जबकि भारतीय मूल/वंश के सभी लोगों को मिलाने पर संख्या लगभग 49–52 लाख बैठती है।

