वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सरस्वती शिशु मंदिर बोदरली में गूंजा राष्ट्रगीत, 650 से अधिक लोगों ने किया सामूहिक गायन
महेन्द्र मालवीय रणजीत टाईम्स
बुरहानपुर :- राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक एवं पावन अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर बोदरली के प्रांगण में एक भव्य और गरिमामय सामूहिक गायन कार्यक्रम का सफल आयोजन संपन्न हुआ। संपूर्ण मध्य प्रदेश में एक ही समय पर आयोजित इस विशेष अभियान के तहत ठीक प्रातः 11:00 बजे पूरा विद्यालय परिसर देश भक्ति के रंगों में सराबोर हो उठा। उपस्थित जनसमूह ने एक स्वर, एक लय और एक ताल में ‘वंदे मातरम्’ का गायन कर भारत माता के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा अर्पित की।
पूजन एवं स्वागत से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात संयोजक मंडल के सदस्यों द्वारा मंचासीन अतिथियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
प्रमुख अतिथियों एवं प्रबुद्धजनों का मार्गदर्शन
इस राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रम की अध्यक्षता जगन्नाथ महाजन ने की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता घनश्याम शाह ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व, त्याग और स्वतंत्रता संग्राम में इसके योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में योगेश तायडे अतिथि के रूप में तथा हिरा चौहान कार्यक्रम साक्षी के रूप में उपस्थित रहे। इस सफल आयोजन के संयोजक उदयसिंह राठौड़ रहे। संपूर्ण कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावी मंच संचालन पूर्व प्रधानाचार्य अरुण जी पवार द्वारा किया गया।
650 से अधिक राष्ट्रभक्तों की विशाल उपस्थिति
इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए क्षेत्र के अपार जनसमूह ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में विद्यालय के भैया-बहन, आचार्य परिवार, अभिभावकगण, पूर्व छात्र युवा मंडल, महिला मंडल तथा संयोजक मंडल के सदस्यों सहित लगभग 650 लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। एक साथ सैकड़ों कंठों से निकले वंदे मातरम् के घोष से संपूर्ण बोदरली क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।

