शिक्षा से ही खत्म होगी बाल विवाह जैसी कुप्रथा :- धरती संस्था भिंड

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सतत प्रयासों से साल भर में बनाएंगे सम्पूर्ण जिले को बाल विवाह मुक्त
ब्यूरो चीफ दिव्यानंद अर्गल 
भिंड।  पूरे देश से बाल विवाह को उखाड़ फेंकने के उद्देश्य से भारत सरकार की 100 दिन की विशेष कार्ययोजना से उत्साहित धरती संस्था ने कहा कि वह धरती संस्था को साल भर के भीतर बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए सरकारी एजेंसियों के साथ कंधे से कंधा मिला कर काम करेगा। कार्यक्रम शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक 1 में शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें नगर निरीक्षक सिटी कोतवाली बृजेंद्र सिंह सेंगर उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक 1 के प्रिंसिपल    p s चौहान जिन्होंने    सभी बच्चों को शपथ दिलाई बाल विवाह मुक्ति भारत अभियान जागरूकता कार्यक्रम  आयोजित किया गया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन तिवारी महिला एवं बाल विकास भिंड कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अनुज कांत उदयनीय बाल कल्याण समिति अध्यक्ष भिंड विशिष्ट अतिथि इंद्रजीत शर्मा कौशलेंद्र सिंह मुदिता शर्मा डॉ धीरज गुर्जर  महिला थाना प्रभारी भिंड रेखा मिश्रा  सत्यवान सिंह भदोरिया लेक्चर उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक 1 सभी अतिथिगण उपस्थित थे सभी अतिथियों ने कार्यक्रम में बारी-बारी से अपना उद्बोधन दिया कार्यक्रम की रूपरेखा उद्देश्यों पर प्रकाश डाला भीकम सिंह तोमर संभागीय समन्वयक धरती संस्था कार्यक्रम का आभार व्यक्त क र समापन किया जिला समन्वयक्र रामवीर  सिंह ब्लॉक कोऑर्डिनेटर   विनोद सिंह सामाजिक कार्यकर्ता शैलेंद्र कुमार  अंकित आदि का सराहनीय सहयोग रहा.
धरती संस्था देश में बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है। इसके 250 से भी अधिक सहयोगी संगठन देश के 451 जिलों में बाल विवाह के खात्मे के लिए जमीन पर काम कर रहे हैं। पिछले एक वर्ष में ही इस नेटवर्क ने देश में एक लाख से ज्यादा बाल विवाह रोके हैं। 
‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के 27 नवंबर को एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर धरती संस्था, भिड ने स्कूलों, ग्रामीण समुदायों और अन्य संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम और पूरे जिले में जगह-जगह बाल विवाह के खिलाफ शपथ समारोह आयोजित किए। संगठन ने जनसमुदाय को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों के बारे में भी जागरूक किया और उन्हें समझाया कि कानून के अनुसार बाल विवाह में किसी भी तरह से शामिल होने या सहायता करने वालों जिसमें शादी में आए मेहमान, कैटरर्स, टेंट वाले, बैंड वाले, सजावट वाले या बाल विवाह संपन्न कराने वाले पुरोहित, सभी को इस अपराध को बढ़ावा देने के जुर्म में सजा हो सकती है। पिछले कुछ वर्षों से कानून लागू करने वाली एजेंसियों व जिला प्रशासन के साथ करीबी समन्वय से काम करते हुए धरती संस्था भिड ने पिछले एक वर्ष  में ही 315 बाल विवाह रुकवाए हैं।

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