शांति वार्ता विफल, लेकिन होर्मुज में लौटी रौनक; अमेरिकी पहरे में निकले कच्चे तेल के टैंकर
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता बेनतीजा रही। इस दौरान दोनों देशों के बीच किसी भी बात को लेकर आम सहमति नहीं बनी। यह वार्ता भले ही सिर्फ दो देशों के बीच हुई, लेकिन दुनिया की निगाहें इसपर टिकी हुई थीं। इसका सबसे बड़ा केंद्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज था, जिसपर युद्ध के बाद से ही पहरा है। हालांकि, शनिवार को इस समुद्री मार्ग से कम से कम 16 जहाज गुजरे। युद्धविराम के बाद का अब तक का सबसे व्यस्त दिन रहा।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर USS फ्रैंक ई. पीटरसन और USS माइकल मर्फी इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन जहाजों को विशेष रूप से ईरानी समुद्री बारूदी सुरंगों को साफ करने के अभियान में लगाया गया है ताकि जहाजों के लिए रास्ता सुरक्षित किया जा सके। नौसेना की निगरानी करने वाली संस्था 'मैरीन ट्रैफिक' ने बताया कि USS माइकल मर्फी की सुरक्षा में चीन, हांगकांग और लाइबेरिया के झंडे वाले तीन विशाल कच्चे तेल के टैंकरों को सफलतापूर्वक मार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

