पुलिस कमिश्नर इंदौर ने बेहतर पुलिसिंग को लेकर की, पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

  • Share on :

 किसी अप्रिय स्थिति में आमजन की त्वरित सहायता हेतु संचालित डायल-112 के और बेहतर संचालन हेतु की जाएं लगातार मॉनिटरिग
 अवैध मादक पदार्थो की गतिविधियों की रोकथाम हेतु विशेष प्रयास कर प्रभावी कार्यवाही के लिये किया निर्देशित
आदित्य शर्मा
इंदौर। शहर में अपराधों पर नियंत्रण हेतु पुलिस की कार्यप्रणाली को बेहतर करने तथा उसमें और कसावट लाने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा इंदौर नगरीय क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों के साथ एक बैठक का आयोजन आज दिनांक 27.03.26 को कार्यालय के सभागार में किया गया।
 उक्त बैठक में अति पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) इंदौर श्री अमित सिंह, अति पुलिस आयुक्त (अपराध/मुख्यालय) इंदौर श्री आर. के. सिंह सहित नगरीय क्षेत्र के सभी पुलिस उपायुक्तगण व अति. पुलिस उपायुक्तगण व थाना प्रभारीगण उपस्थित रहें। 
 उक्त बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह ने पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही की समीक्षा करते हुए, अवैध मादक पदार्थो की रोकथाम हेतु प्रभावी कार्यवाही, बीट/माइक्रां बीट की कार्यप्रणाली, सीएम हेल्पलाईन की शिकायतों आदि के साथ किसी घटना/दुघर्टना व अप्रिय स्थिति में आमजन की त्वरित सहायता हेतु शासन द्वारा संचालित की जा रही डायल-112 सेवा के संबंध में विशेष रूप से चर्चा करते हुए, इनके बेहतर संचालन तथा पुलिस की कार्यप्रणाली को और बेहतर करने के लिये निम्न दिशा-निर्देश दिए गए-
●  थाना क्षेत्रों में चलने वाली एफआरवी वाहन में समुचित पुलिस स्टाफ अनिवार्य रूप से लगाया जावें और वह व्यवस्थित रूप से काम कर रहें है इसकी थाना प्रभारी द्वारा लगातार निगरानी की जावें तथा समय-समय पर वरिष्ठ अधिकारीगण द्वारा भी इसकी समीक्षा की जावें।
● एफआरवी वाहनों द्वारा निरंतर रूप से थाना क्षेत्रों में पेट्रोलिंग की जावें तथा कोई भी इवेंट आने पर तत्काल वह उक्त स्थान पर पहुंचें इसका भी ध्यान रखा जावें।
● एफआरवी वाहनों में अप्रिय स्थिति में सहायता हेतु विभिन्न इक्विपमेंट दिए गये है, वो सभी वाहन में है और अच्छी हालत में है, ये भी समय-समय पर चेक किया जावें। 
●  किसी भी इवेंट पर कार्यवाही के समय स्टाफ बॉडी वार्न कैमरों व डेशबोर्ड कैमरों का प्रयोग आवश्यक रूप से करें ये भी सुनिश्चित किया जावें। 
●  पुलिस की कार्यवाही में और कसावट लाने के लिए थाना क्षेत्रों के बीट और माइक्रो बीट सिस्टम को सक्रिय कर, कार्यों की समीक्षा व सतत निगरानी की जावें। 
●  थानो की बीट/माइक्रो बीट में लगें पुलिस बल के कार्यो की भी समय-समय पर मॉनिटरिंग की जावें तथा फील्ड में आने वाली कठिनाईयों पर उनसे बात कर उन्हें और बेेहतर कार्यवाही के लिये ब्रीफ भी किया जावें।
●  शहर में अवैध मादक पदार्थो की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिये योजनाबद्ध तरीके से इन अपराधों में संलिप्त बदमाशों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जावें तथा इनके नेटवर्क को भी ध्वस्त किया जावें। 
●  एनडीपीएस एक्ट के आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी की जावें तथा इनके विरूद्ध सख्त व कड़ी कार्यवाही की जावें।
● आमजन की शिकायतों को प्राथमिकता से लेते हुए उनकी व्यथा को अच्छे से सुन, उनके त्वरित निराकरण के हरसंभव प्रयास किये जावें। 

 साथ ही सामुदायिक पुलिसिंग के तहत आमजन की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से आमजन में महिला सुरक्षा, यातायात, सायबर अपराधों व अन्य सामाजिक विषयो ंपर जनजागरूकता लाने हेतु मोहल्ला समितियों के साथ समय-समय पर बैठकें आयोजित कर उनकी समस्याओं व सुझावों पर कार्यवाही करने पर भी जोर दिया।
बैठक के दौरान इंदौर पुलिस की डायल-112 की टीम द्वारा थाना प्रभारियों को एफआरवी के और बेहतर संचालन हेतु किन तकनीकी बातों को ध्यान रखे व अधीनस्थ स्टाफ को भी क्या करना है और क्या नहीं करना है आदि बातों के संबंध में प्रशिक्षण भी दिया गया।

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper