गोयल एवेन्यू, निपनिया में बदतर ड्रेनेज व्यवस्था: रहवासियों ने 311 ऐप पर दर्ज कराई 50 से अधिक शिकायतें, भगतपुरा जैसी बड़ी दुर्घटना की आशंका
इंदौर। निपनिया क्षेत्र स्थित पॉश कॉलोनी गोयल एवेन्यू के रहवासी पिछले एक दशक से अधिक समय से गंभीर ड्रेनेज समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिससे कभी भी भगतपुरा जैसी बड़ी आपदा की पुनरावृत्ति हो सकती है। कॉलोनी की सड़कों पर जगह-जगह ड्रेनेज का गंदा पानी फैला हुआ है और खुले चैंबरों से पानी का जोर से उल्टा रिसाव (बैकफ्लो) हो रहा है। स्थिति इतनी भयावह है कि घरों के अंदर से सांप और बिच्छू निकल रहे हैं, जिससे लोगों का जीवन असुरक्षित हो गया है।
एक साथ 50 से अधिक शिकायतें दर्ज कर बनाया अनोखा रिकॉर्ड
समस्या से त्रस्त होकर आज कॉलोनी के 50 से अधिक आक्रोशित रहवासियों ने नगर निगम के 'इंदौर 311' ऐप पर ड्रेनेज समस्या को लेकर एक साथ शिकायतें दर्ज कराईं। शिकायतकर्ता रामजीमल शर्मा (+91 98935 13231) और अन्य निवासियों (जैसे संजय जैन, संतोष पवार आदि) ने ऐप के माध्यम से तस्वीरें अपलोड कर प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। कई शिकायतों पर नगर निगम द्वारा कर्मचारियों (जैसे कमल किशोर कोटवार, संतोष पवार) को मामला सौंपा भी गया है, परंतु धरातल पर सुधार न होने के कारण जनता में भारी रोष है।
बोरिंग के पानी में मिल रहा सीवर का गंदा पानी
रहवासियों को सबसे बड़ी आशंका इस बात की है कि सीवर और ड्रेनेज का यह दूषित पानी उनकी बोरिंग के पानी के साथ मिलकर घरों तक पहुंच रहा है, जिसे वे मजबूरन उपयोग करने को विवश हैं। बदबू और संक्रमण के खतरे के कारण पॉश कॉलोनी में आकर बसे लोग अब अपने घरों को बेचने और इस क्षेत्र को छोड़कर कहीं और जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
नेताओं की अनदेखी और बड़े आंदोलन की चेतावनी
रहवासियों का आरोप है कि स्थानीय पार्षदों, महापौर और विधायकों को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें देने के बाद भी जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने इस पर कोई ठोस संज्ञान नहीं लिया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो विवश होकर रहवासियों को बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन करना पड़ेगा।

