अनंत चतुर्दशी की तैयारियां तेज: झाबुआ में अनास नदी के किनारे बन रहा 20 फीट गहरा पोखर, पूरे सम्मान के साथ होगा गजानन का विसर्जन
प्रशासन अलर्ट: एसडीएम और एसडीओपी ने किया विसर्जन स्थल का निरीक्षण, धार्मिक भावनाओं और सुरक्षा का रखा जाएगा पूरा ध्यान
रिपोर्टर :- सलीम हुसैन
झाबुआ। आगामी 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर होने वाले गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर झाबुआ प्रशासन और नगर पालिका ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बप्पा की विदाई भव्य, व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से हो, इसके लिए पूर्व के वर्षों की भांति इस बार भी किशनपुरी में अनास नदी के किनारे एक विशेष पोखर का निर्माण किया जा रहा है। नगर पालिका द्वारा युद्ध स्तर पर इस विसर्जन स्थल को तैयार किया जा रहा है।
अधिकारियों ने लिया ग्राउंड जीरो पर व्यवस्थाओं का जायजा
विसर्जन की तैयारियों को अंतिम रूप देने और सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखने के लिए मंगलवार को प्रशासन के आला अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया। एसडीएम महेश मंडलोई और एसडीओपी कमलेश शर्मा ने किशनपुरी स्थित विसर्जन स्थल पहुंचकर चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ नगर पालिका के सीएमओ मिलन पटेल भी मौजूद रहे, जिन्होंने अधिकारियों को पोखर निर्माण की प्रगति से अवगत कराया।
20 फीट गहरा होगा पोखर, सम्मान के साथ होगा विसर्जन
निरीक्षण के दौरान एसडीएम महेश मंडलोई ने संबंधित कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माणाधीन पोखर की गहराई कम से कम 20 फीट होनी चाहिए, ताकि बड़ी से बड़ी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन भी बिना किसी रुकावट के हो सके। इसके साथ ही एसडीएम ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि विसर्जन प्रक्रिया के दौरान आमजन की धार्मिक भावनाओं का पूरा ध्यान रखा जाए और सभी प्रतिमाओं का विसर्जन पूरे विधि-विधान और सम्मान के साथ किया जाए।
पुराने पुल की तरफ जाने पर रहेगी सख्त रोक, चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रहेगी पुलिस
विसर्जन के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी प्रकार के हादसे को टालने के लिए पुलिस प्रशासन ने भी पुख्ता रणनीति बनाई है। एसडीओपी कमलेश शर्मा ने सुरक्षा इंतजामों की रूपरेखा तय करते हुए कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विसर्जन स्थल और उसके आसपास इस तरह से मजबूत बैरिकेडिंग की जाए कि कोई भी श्रद्धालु या आम नागरिक पुराने पुल की तरफ न जा सके।
सुरक्षा के लिहाज से यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है। एसडीओपी ने आश्वस्त किया कि अनंत चतुर्दशी के दिन विसर्जन स्थल पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा, ताकि शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से विसर्जन संपन्न हो सके।

