श्री गणेश के आशीर्वाद से प्राप्त होती है शुद्धि व सिद्धि

  • Share on :

शुद्धि के बिना सिद्धि संभव नहीं है। और, शुद्धि पाने का सहजतम  मार्ग है सहज योग।  सहज योग के अनुसार श्री गणेश का स्थान हमारे मूलाधार चक्र पर है।   श्री गणेश सदैव बाल रुप में हैं और अबोधिता के गुण को मानव मात्र में स्थापित करते हैं।  श्री गणेश के आशीर्वाद के बगैर हमारे अंदर शुद्धता व अबोधिता नहीं आ सकती क्योंकि जब यह गुण हमारे अंदर  स्थापित होता है तभी सेक्रम बोन में तीन कुंडल में सुप्तावस्था में विराजमान कुंडलिनी मां जागृत होती है और उधर्वगति की ओर चलायमान होती है और मनुष्य के अंदर अबोधिता, पवित्रता और बुद्धिमता के गुण स्थापित होते हैं।   
हमारे दैनिक जीवन में पवित्रता का विशेष महत्व है।  शुद्धि से तात्पर्य मात्र शरीर का नहीं है, बल्कि मन, प्राण और भाव-विचार के साथ-साथ हमारा अंत:करण भी निर्मल होना चाहिए। शुद्धता के गुण आते ही व्यक्ति धीरे-धीरे अज्ञान व अंधकार के आवरण को पार कर प्रकाशित स्थिति प्राप्त करता है।   इस शुद्धि के फलस्वरूप मन की शांति, चित्त की स्थिरता और प्राण की एकाग्रता व हृदय की तन्मयता का प्रादुर्भाव स्वभावत: होने लगता है। आनंद का अवरोहण भी तभी संभव होता है। शुद्धि से आत्मा विभिन्न वासनाओं और आकर्षणों से मुक्त होती है। और...सिद्धि प्राप्ति से पहले की प्रारंभिक अवस्था शुद्धि ही है।
   शुद्ध भावों वाला व्यक्ति ही परमात्मा को भी प्रिय होता है।  आचार-विचार के साथ-साथ जीवन के अन्य क्षेत्रों जैसे व्यापार में पैसे के लेन-देन और नौकरी आदि में ईमानदारी व कर्त्तव्य के प्रति निष्ठावान बने रहना भी पवित्रता की ही श्रेणी में आते हैं। व्यक्ति चाहे किसी भी क्षेत्र में कार्यरत हो, वह वहां रहते हुए ही पवित्रता का ध्यान रखने योग्य बन जाता है। पवित्रता को नित्य-प्रतिदिन की दिनचर्या में रखकर हम अपना बैद्धिक स्तर तो उत्तम बना ही सकते हैं, साथ ही, स्वयं सुखी रहते हुए अन्य लोगों को भी इस राह पर अग्रसर कर सकते हैं। पवित्रता जीवन का मूल आधार है। आज समाज में जो नैतिक पतन हो रहा है उसका एक खास कारण शुचिता की ओर ध्यान नहीं दिया जाना है। व्यक्ति जैसे ही पवित्रता की तरफ एक कदम बढ़ाता है, उसकी सोच में निखार आता है, उसकी भौतिक प्रगति के साथ-साथ आध्यात्मिक उन्नति भी होती है। 
श्री गणेश का पूजन मात्र एक कर्मकांड बनकर ना रह जाये इसीलिए सहज योग ध्यान पद्धति से जुड़कर उत्थान मार्ग पाने का प्रयास होना चाहिए। सहज योग पूर्णतया निशुल्क है। नज़दीकी सहजयोग ध्यान केंद्र की जानकारी टोलफ्री नंबर 1800 2700 800 या वेबसाइट www.sahajayoga.org.in से प्राप्त कर सकते हैं।

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper