बारिश से बेहाल महाराष्ट्र: मुंबई-पुणे में जलभराव और लैंडस्लाइड, 8 जुलाई तक पूरा सरकारी तंत्र हाई अलर्ट पर

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हरिद्वार. उत्तराखंड के प्रसिद्ध मां मनसा देवी मंदिर में चढ़ावे की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए मंदिर ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लिया है. अब मंदिर में सेवा देने वाले सभी पुजारी बिना जेब वाले कुर्ते पहनेंगे. इसके साथ ही मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे की निगरानी के लिए सात सदस्यीय पर्यवेक्षण समिति का भी गठन किया गया है. मंदिर प्रशासन का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य श्रद्धालुओं के विश्वास को और मजबूत करना तथा चढ़ावे के प्रबंधन में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करना है.
यह निर्णय हाल के दिनों में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर सामने आए विवाद के बाद लिया गया है. हालांकि मंदिर ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता की आशंका को खत्म करने और जवाबदेही बढ़ाने के लिए लागू की जा रही है. नई व्यवस्था के तहत पुजारियों के कुर्तों में किसी प्रकार की जेब नहीं होगी. वहीं, सात सदस्यीय समिति मंदिर में प्राप्त होने वाले दान और चढ़ावे की नियमित निगरानी करेगी. यदि जांच के दौरान किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. समिति के सभी सदस्यों को इस जिम्मेदारी के निर्वहन के लिए शपथ भी दिलाई गई है.
मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने मंदिर परिसर में इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था सर्वोपरि है. इसलिए चढ़ावे के प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और व्यवस्थित बनाने के लिए यह पहल की गई है. 
मुंबई। महाराष्ट्र में आफत की बारिश जारी है। खबरें हैं कि मौसम से जुड़ी घटनाओं में 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, नासिक में बादल फटने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा त्र्यंबकेश्वर मंदिर को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया है। राज्य के सबसे प्रभावित इलाकों में पुणे, कोंकण समेत कई जिलें हैं।
नासिक ग्रामीण पुलिस ने पर्यटकों से जिले की यात्रा नहीं करने की अपील की है। एसपी डॉक्टर डीएस स्वामी ने कहा है कि इगतपुरी, वडिवर्हे और त्र्यंबकेश्वर पर चेक पॉइंट्स लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा है कि कलेक्टर के आदेश के बाद त्र्यंबकेश्वर और वाणी मंदिरों को मंगलवार को बंद रखने का फैसला लिया गया है। नाशिक में मंगलवार सुबह से ही तेज बारिश हो रही है और कई स्थानों पर जलभराव हो गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को बताया है कि भारी बारिश का यह संकट आठ जुलाई तक जारी रह सकता है, जिसके कारण पूरे सरकारी तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने मंगलवार को नासिक के कुछ हिस्सों में बादल फटने जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई।
IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से कुछ क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसमें मुंबई, कोल्हापुर, सतारा, सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी जिले शामिल हैं। इनके अलावा स्थानों पर बारिश के आसार हैं।
अधिकारियों का कहना है कि बीते दो दिनों में मुंबई-पुणे लाइन पर करजत-लोनावला घाट सेक्शन पर यातायात खासा प्रभावित हुआ है। यहां 24 घंटों में 600 मिमी बारिश हुई है। पुणे जिले में बीते दो दिनों में 22 स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुईं हैं। इसके अलावा पुणे शहर में भी भयंकर जलभराव के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

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