रामनवमी और प्रभु रामचरित्र समाज में मर्यादा, नीति, धर्म, सत्य और त्याग का संदेश है - डॉ. भरत शर्मा
प्रभु श्रीराम के प्राकट्युत्सव पर इंदौर शहर में राममंदिर परिसर पर संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार सदस्य डॉ. भरत शर्मा के मुख्य आतिथ्य में विशेष वैदिक पूजन और प्रभु राम का अभिषेक समाहरोहपूर्वक किया गया। उक्त अवसर पर डॉ. भरत शर्मा ने कहा कि भारत और विश्व में युवाओ को नेतृत्व क्षमता, कर्तव्यबोध, चरित्रनिर्माण और प्रायश्चित का भाव जाग्रत कर, रामचरित्र उनके भविष्य निर्माण के साथ ही राष्ट्रनिर्माण का सिद्ध साधन है।
भगवान राम के आदर्श की प्रासंगिकता आज भी त्रेता युग से संबद्ध है, उनके जीवन दर्शन से तार्किक प्रमाणित होता है कि आदर्श जीवन शैली से ही सच्ची सफलता, धर्मपरायणता प्राप्त की जा सकती है। जीवनपथ पर हम सत्य और धर्म के मार्ग पर चलकर ही विजय प्राप्त कर सकते है ।
प्रभु श्रीराम के प्राकट्युत्सव उनका अभिषेक और पूजन पंडित श्री राजीव बाजपेयी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार, रामस्तुति, सुंदरकांड, ध्यान, आव्हान, स्नान, अलंकार, भोग व महाआरती से किया गया। पंजीरी, हलवे, फल और पंचामृत के विशेष प्रसाद का वितरण भी सोसाइटी के सदस्यों द्वारा किया गया।
उक्त अवसर पर मंदिर परिसर में आयोजित जन्मोत्सव में विशेष रूप से समाजसेवी वीरेंद्र पौराणिक, प्रीति चौगाँस्कर, गिरधर सिंह सिसोदिया, के.पी. भट्ट, शिंदे जी और बड़ी संख्या में शालीमार पाल्म्स के पदाधिकारी और वरिष्ठ रहवासीगण मौजूद रहे।

