राहत एवं बचाव कार्य, CPR और करियर ओरिएंटेड प्रशिक्षण
धर्मेन्द्र गुप्ता की रिपोर्ट
विदिशा। 65 छात्र-छात्राओं को दिया राहत एवं बचाव कार्य, CPR तथा करियर ओरिएंटेड प्रशिक्षण विदिशा। मेरा युवा भारत एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में जिला सेनानी विदिशा के मार्गदर्शन में SATI पॉलिटेक्निक कॉलेज, विदिशा में राहत एवं बचाव कार्य, CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) तथा करियर ओरिएंटेड प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी देने के साथ जीवनरक्षक कौशल से परिचित कराना तथा उनके व्यक्तित्व एवं करियर विकास के लिए उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान करना रहा। कार्यक्रम का नेतृत्व पी.सी. रश्मि दुबे, प्लाटून कमांडर द्वारा किया गया। प्रशिक्षण के दौरान कॉलेज के 65 छात्र-छात्राओं को विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली राहत एवं बचाव की प्राथमिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को विपरीत परिस्थितियों में घबराने के बजाय सजगता और सूझबूझ के साथ कार्य करने तथा जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्पर रहने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशिक्षण में CPR के महत्व पर विशेष रूप से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को प्राथमिक जीवनरक्षक उपायों के संबंध में जागरूक करते हुए बताया गया कि आपात स्थिति में समय पर प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराना किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। युवाओं को आपदा एवं दुर्घटना जैसी परिस्थितियों में जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के लिए आवश्यक व्यवहारिक जानकारी भी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में SATI पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रोफेसर श्री ब्रजेश कुमार प्रजापति सहित SDERF की टीम उपस्थित रही। टीम द्वारा विद्यार्थियों को राहत एवं बचाव कार्यों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्रदान की गई तथा आपातकालीन परिस्थितियों में समन्वय, तत्परता और अनुशासन के महत्व से अवगत कराया गया।कार्यक्रम के दौरान करियर ओरिएंटेड प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य में उपलब्ध संभावनाओं एवं कौशल विकास के महत्व की जानकारी भी दी गई। युवाओं को अपने रुचि के क्षेत्र में आवश्यक कौशल विकसित करने, सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक रहने तथा शिक्षा के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
इस प्रशिक्षण पहल का उद्देश्य युवाओं में आपदा प्रबंधन, सामाजिक सेवा और जनहित में सहयोग की भावना विकसित करना है। प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में आपातकालीन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता, जीवनरक्षक कौशल तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा मिला। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को सुरक्षित, सजग और जिम्मेदार नागरिक के रूप में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।

