सहजयोग : आत्मज्ञान से आनंदमय जीवन की ओर

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“वदन्तु शास्त्राणि यजन्तु देवान्
कुर्वन्तु कर्माणि भजन्तु देवताः ।
आत्मैक्यबोधेन बिना विमुक्तिः
न सिध्यति ब्रह्मशतान्तरेऽपि ॥”
— श्री आदिशंकराचार्य
भारतीय अध्यात्म परंपरा में आत्मज्ञान को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। आदि शंकराचार्य ने अपने ग्रंथ विवेकचूड़ामणि में स्पष्ट कहा है कि केवल शास्त्रों का अध्ययन, देवताओं की पूजा, कर्मकांड अथवा भजन करने मात्र से मुक्ति संभव नहीं है। जब तक मनुष्य आत्मा में स्थित होकर आत्मैक्य का अनुभव नहीं करता, तब तक वास्तविक मोक्ष प्राप्त नहीं हो सकता।
प. पूज्य श्रीमाताजी निर्मला देवी द्वारा स्थापित सहजयोग इसी आत्मबोध और आत्मसाक्षात्कार का सहज एवं वैज्ञानिक मार्ग प्रस्तुत करता है। सामान्यतः आत्मा-परमात्मा की बातें लोगों को जटिल और व्यावहारिक जीवन से अलग प्रतीत होती हैं, किन्तु वास्तव में प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में किसी गहन संतोष, आनंद और सत्य की खोज में लगा हुआ है। यह खोज तभी पूर्ण होती है जब मनुष्य अपने आत्मतत्व को जान लेता है।
सहजयोग में साधक को आत्मसाक्षात्कार का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होता है। यह अनुभव केवल बौद्धिक नहीं, बल्कि हृदय और सूक्ष्म शरीर पर महसूस किया जाने वाला जीवंत अनुभव है। आज के वैज्ञानिक युग में जहां मनुष्य बाहरी आडंबर, कर्मकांड, अंधविश्वास और कट्टरता में उलझता जा रहा है, वहीं सहजयोग ध्यान व्यक्ति को सत्य का प्रत्यक्ष अनुभव करने की प्रेरणा देता है।
श्रीमाताजी के अनुसार आत्मसाक्षात्कार के पश्चात व्यक्ति अपने चित्त को अंतर्मुखी बनाकर हृदय अथवा सहस्त्रार चक्र पर स्थिर करना सीखता है। परिणामस्वरूप वह भूत और भविष्य के विचारों से मुक्त होकर वर्तमान क्षण में स्थित हो जाता है। इस अवस्था को ‘निर्विचार ध्यान’ कहा गया है, जहां साधक आंतरिक शांति, आनंद और शक्ति का अनुभव करता है।
सहजयोग ध्यान के नियमित अभ्यास से तनाव, मानसिक अशांति, भय और अनेक प्रकार की परेशानियों से मुक्ति मिलने लगती है। व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास, संतुलन और सकारात्मकता का विकास होता है। यह अनुभव न केवल आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम है, बल्कि आधुनिक जीवन की चुनौतियों से निपटने का भी प्रभावी उपाय बनता है।  इस अद्भुत एवं सहज अनुभव को प्राप्त करने हेतु प्रत्येक व्यक्ति को सहजयोग ध्यान को अवसर अवश्य देना चाहिए।
नज़दीकी सहजयोग ध्यान केंद्र की जानकारी टोल फ्री नंबर 1800 2700 800  से प्राप्त की जा सकती है।

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