वर्तमान में स्थित होकर जीवन को आनंदमय बनाने की प्रेरणा दे रहा सहजयोग
आज का मनुष्य समय के तीन आयामों—भूत, वर्तमान और भविष्य—में उलझा हुआ है, किंतु विडंबना यह है कि वह सबसे कम समय वर्तमान में जी पाता है। कुछ लोग भूतकाल की स्मृतियों, सफलताओं या असफलताओं में खोए रहते हैं, जबकि कुछ भविष्य की चिंताओं और इच्छाओं में। परिणामस्वरूप वर्तमान का अमूल्य क्षण उनसे दूर होता चला जाता है।
वास्तव में वर्तमान को वही जी पाता है जो योगी बनता है, क्योंकि भोगी का जीवन केवल सांसारिक सुख-सुविधाओं, धन और विलासिता तक सीमित रह जाता है। परंतु जीवन का वास्तविक आनंद बाहरी उपलब्धियों में नहीं, बल्कि भीतर की शांति और संतुलन में निहित है।
जब हम वर्तमान में जीना आरंभ करते हैं, तभी हमारा भविष्य स्वतः ही उज्ज्वल बनने लगता है। वर्तमान ही भविष्य की नींव है। भूतकाल की असफलताओं पर खेद या सफलताओं पर अहंकार, दोनों ही वर्तमान की ऊर्जा को क्षीण कर देते हैं और भविष्य को भी कठिन बना देते हैं।
यदि हम अपनी शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्थिति को संतुलित रखते हुए जीवन जीना सीख लें, तभी हम सच्चे अर्थों में “वर्तमान में स्थित” हो पाते हैं। यही स्थिति योग की ओर ले जाती है। लेकिन केवल इस जन्म का ही नहीं, जन्म-जन्मांतरों के संस्कारों और अनुभवों का प्रभाव भी हमारे अचेतन मन में विद्यमान रहता है। यही प्रभाव वर्तमान जीवन में तनाव, भय, असंतुलन और मानसिक अशांति का कारण बनता है। प्रश्न यह है कि इन बंधनों से मुक्ति कैसे मिले?
इसका सहज और प्रभावशाली समाधान है — सहजयोग ध्यान।
सहजयोग के अनुसार हमारे सूक्ष्म तंत्र में तीन प्रमुख नाड़ियाँ होती हैं। ईड़ा नाड़ी — भूतकाल और भावनाओं की नाड़ी, पिंगला नाड़ी — भविष्य और कर्म की नाड़ी, सुषुम्ना नाड़ी — वर्तमान और संतुलन की नाड़ी
जब ये तीनों नाड़ियाँ संतुलित होती हैं, तब मनुष्य सहज रूप से वर्तमान में स्थित हो जाता है। पंचतत्व इस संतुलन को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेष रूप से धरती तत्व ईड़ा नाड़ी को संतुलित कर व्यक्ति को भूतकाल के बोझ से मुक्त करता है।सहजयोग ध्यान के माध्यम से इस दिव्य शक्ति का अनुभव तुरंत किया जा सकता है। आत्मसाक्षात्कार प्राप्त होते ही व्यक्ति अपने भीतर शांति, संतुलन और आनंद का अनुभव करने लगता है। यही अनुभव जीवन को एक नई दिशा देता है। आइए, सहजयोग से जुड़कर अतीत के बंधनों से मुक्त हों और एक आनंदमय, संतुलित एवं जागृत जीवन का अंगीकार करें।
सहजयोग पूर्णतः निशुल्क है। सहजयोग ध्यान केंद्र की जानकारी प्राप्त करने हेतु टोल फ्री नंबर 1800 2700 800 पर संपर्क करें।

