ASI अधीक्षक के दौरे के तुरंत बाद खुली सुरक्षा की पोल: अज्ञात लोगों ने भोजशाला में की पूजा, प्रशासन की नींद उड़ी
धार। मध्य प्रदेश के धार की ऐतिहासिक भोजशाला इस समय देश की सबसे संवेदनशील जगहों में से एक है। हाईकोर्ट के हालिया फैसले और मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाओं के बाद यहां सुरक्षा की कई परतें तैनात हैं। इसके बावजूद शनिवार को जो हुआ, उसने पुरातत्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की नींद उड़ा दी है। कड़े पहरे के बीच कुछ अज्ञात लोग भोजशाला के गर्भगृह तक पहुंचे, वहां मां वाग्देवी की भारी-भरकम अष्टधातु की प्रतिमा स्थापित की। यही नहीं, बकायदा फूल-अक्षत चढ़ाकर विधि-विधान से पूजा भी संपन्न कर ली।
हैरानी की बात यह है कि इस पूरी वारदात की भनक न तो मेटल डिटेक्टर पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को लगी और न ही परिसर में घूम रहे गार्ड्स को। शाम करीब साढ़े 6 बजे जब एएसआई के अधिकारियों को इसका पता चला, तो पूरे महकमे में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के तुरंत बाद कांड: शनिवार की दोपहर ही एएसआई के अधीक्षक डॉ. शिवाकांत बाजपेई ने भोजशाला पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। उनके जाते ही कुछ घंटों बाद यह वारदात हो गई।
24 घंटे की निगरानी फेल: परिसर के बाहर पुलिस चौकी है, विशेष सुरक्षा बल तैनात हैं और अंदर जाने के लिए मेटल डिटेक्टर से गुजरना पड़ता है। फिर भी भारी प्रतिमा अंदर कैसे पहुंच गई?
सीसीटीवी कैमरों पर सवाल: पूरा परिसर तीसरी आंख की निगरानी में है, लेकिन किसी भी कैमरे में प्रतिमा ले जाते हुए कोई संदिग्ध क्यों नहीं पकड़ा गया?
साभार नवभारत टाइम्स

