शारदीय नवरात्रि : आत्मसाक्षात्कार द्वारा मां  दुर्गा की शक्तियों को हृदय में प्रतिष्ठित करने का पर्व

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शारदीय नवरात्रि आत्मशक्ति के जागरण, माँ आदिशक्ति की आराधना और दिव्य संरक्षण का पावन पर्व।
नवरात्रि केवल माँ दुर्गा की उपासना का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर विद्यमान दिव्य शक्ति को पहचानने और आत्मसाक्षात्कार के माध्यम से आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर होने का शुभ अवसर भी है।
सहजयोग की संस्थापिका, परम पूजनीय श्री माताजी निर्मला देवी जी ने देवी के विभिन्न स्वरूपों और उनकी सूक्ष्म शक्तियों का गहन आध्यात्मिक रहस्य समझाते हुए कहा है कि हमारे शास्त्रों में वर्णित देवी के सभी स्वरूप सत्य हैं। उन्हें गहराई से समझने के लिए सहजयोग के माध्यम से प्राप्त होने वाले सूक्ष्म स्पंदनों (वाइब्रेशंस) को पहचानना आवश्यक है।
माँ दुर्गा, माँ चामुंडा और देवी के अन्य स्वरूप किसी प्रकार से एक-दूसरे से अलग नहीं हैं, बल्कि ये एक ही आदिशक्ति की विभिन्न अभिव्यक्तियाँ हैं। जब जैसी आवश्यकता होती है, आदिशक्ति उसी स्वरूप में अपनी शक्ति का कार्य करती हैं। यहाँ तक कि भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, श्री ईसा मसीह जैसे महान अवतारों के कार्यों में भी देवी शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। यही कारण है कि भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को सर्वोच्च सम्मान और श्रद्धा का स्थान प्राप्त है।
 माँ दुर्गा और हृदय चक्र का दिव्य संबंध
माँ दुर्गा हृदय चक्र की अधिष्ठात्री हैं। हृदय चक्र प्रेम, साहस, आत्मविश्वास और सुरक्षा की सूक्ष्म शक्तियों से जुड़ा है। जब कुण्डलिनी शक्ति हृदय चक्र तक पहुँचती है, तब इन दिव्य शक्तियों का जागरण और सुदृढ़ीकरण होता है। श्री माताजी ने कुण्डलिनी को जगदम्बा स्वरूप बताते हुए उसकी इस शक्ति को और अधिक प्रभावी बनाने में उसकी भूमिका समझाई है। आत्मसाक्षात्कार: माँ की दिव्य सुरक्षा का अनुभव
श्री माताजी के संदेश के अनुसार, जब साधक सहजयोग के माध्यम से आत्मसाक्षात्कार प्राप्त करता है, तब हृदय में स्थित यह दिव्य शक्ति उसकी रक्षा करती है। इस सुरक्षा का आध्यात्मिक आधार है, माँ के प्रति शुद्ध प्रेम, श्रद्धा और भक्ति के साथ अपने हृदय को निर्मल बनाना। जब हृदय में पवित्र प्रेम जागृत होता है, तब भय के स्थान पर साहस, असुरक्षा के स्थान पर आत्मविश्वास और अशांति के स्थान पर आंतरिक शांति का अनुभव होने लगता है।
आइए, इस शारदीय नवरात्रि माँ दुर्गा की आराधना के साथ अपने भीतर की दिव्य शक्ति को पहचानें, आत्मसाक्षात्कार प्राप्त करें और सहजयोग ध्यान के माध्यम से शांति, प्रेम तथा आध्यात्मिक सुरक्षा का अनुभव करें। माँ आदिशक्ति की कृपा से सभी के जीवन में प्रेम, साहस, शांति और आध्यात्मिक जागृति का प्रकाश फैले।
सहजयोग के बारे में अधिक जानकारी टोल फ्री नंबर 1800 270 0800  अथवा www.sahajayoga.org.in से प्राप्त कर सकते हैं सहज योग पूर्णतः निःशुल्क है।

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