विद्यार्थियों को दिया गया जैविक खेती में पशुधन प्रबंधन एवं जैविक खाद निर्माण का तकनीकी प्रशिक्षण

  • Share on :

कटनी से जिला ब्यूरो नवल किशोर कुशवाहा 
कटनी । वीरांगना रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय बहोरीबंद में जैविक कृषि विशेषज्ञ रामसुख दुबे द्वारा विद्यार्थियों को जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण के क्रम में विद्यार्थियों को कम लागत तकनीकी जीरो बजट फार्मिंग के अंतर्गत जानकारी दी गई कि जैविक खेती में पशु प्रबंधन एक ऐसा तरीका है, जिसमें पशुओं को न केवल दूध के लिए पाला जाता है, बल्कि उन्हें पूरी कृषि प्रणाली का एक अभिन्न अंग माना जाता है। इस प्रणाली में पशु और फसलें एक दूसरे के पूरक होते हैं। जिससे खेत एक आत्मनिर्भर और टिकाऊ पारिस्थितिकी तंत्र बन जाता है।
प्रशिक्षण के दौरान पशुधन प्रबंधन के मुख्य सिद्धांत के अंतर्गत पशुओं का प्राकृतिक जीवन, प्राकृतिक आहार, स्वस्थ और रोग मुक्त पशुधन की जानकारी दी गई। साथ ही जैविक कृषि में पशुधन के महत्व के अंतर्गत जैविक खाद का स्रोत, गोबर की खाद एवं गोमूत्र, ऊर्जा और श्रम का स्रोत, हल चलाना, परिवहन एवं आत्मनिर्भरता का आधार तथा पशुधन प्रबंधन के लाभ के अंतर्गत लागत में कमी, आय में वृद्धि, पर्यावरण संरक्षण तथा मिट्टी के स्वास्थ्य की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को जैविक खेती में अपशिष्ट प्रबंधन, ग्रामीण खाद एवं शहरी खाद निर्माण, पशु अपशिष्ट से खाद निर्माण एवं खली के उपयोग की जानकारी दी गई।

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper