आधी रात को गांव की गलियों में पहुंचे कलेक्टर, मौके पर ही निपटाईं ग्रामीणों की मुश्किलें

  • Share on :

शिवपुरी से ऋषि गोस्वामी की रिपोर्ट
​शिवपुरी: प्रशासन जब जनता के द्वार पहुंचता है, तो न केवल व्यवस्थाएं सुधरती हैं बल्कि लोगों का तंत्र पर भरोसा भी गहरा होता है। कुछ ऐसा ही नजारा शिवपुरी की ग्राम पंचायत एसवाया के अहेरा और मुड़खेड़ा गांव में देखने को मिला। 7 मई की रात, कलेक्टर अर्पित वर्मा ने अधिकारियों की टीम के साथ रात्रि चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया।
​ग्राउंड जीरो पर योजनाओं की पड़ताल
​चौपाल के दौरान कलेक्टर ने किसी दफ्तर की औपचारिकता के बजाय सीधे जमीन पर बैठकर ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने पानी, बिजली, सड़क, राशन और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं की हकीकत जानी। ग्रामीणों ने भी बिना किसी झिझक के अपनी शिकायतें और सुझाव अधिकारियों के सामने रखे।
​समस्या सुनी और तुरंत एक्शन लिया
​इस दौरे की सबसे खास बात कलेक्टर का 'ऑन द स्पॉट' निर्णय लेने का अंदाज रहा:
​रात में ही देखा निर्माण स्थल: जब एक ग्रामीण ने अपने क्षेत्र में खरंजा (ईंटों की सड़क) न होने की शिकायत की, तो कलेक्टर ने तत्काल उससे पूछा, "क्या अभी मुझे वह जगह दिखा सकते हो?" रात के अंधेरे में ही वे उस स्थल का मुआयना करने पहुंचे और संबंधित अधिकारियों को तुरंत निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
​लापरवाह समूह पर गिरी गाज: मुड़खेड़ा की आंगनवाड़ी में भोजन वितरण में अनियमितता और समय की पाबंदी न होने की शिकायत मिलने पर, उन्होंने भोजन बांटने वाले समूह को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए।
​शिक्षा और भविष्य पर चर्चा
​अधिकारियों ने केवल प्रशासनिक चर्चा ही नहीं की, बल्कि गांव के बच्चों से भी आत्मीयता से बात की। कलेक्टर ने बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा और उन्हें जीवन में शिक्षा के महत्व को समझाया।
​"प्रशासन का यह संवेदनशील चेहरा किसी फिल्मी दृश्य जैसा था, जहां फाइलें आगे बढ़ाने के बजाय मौके पर ही समाधान को प्राथमिकता दी गई।"
​इस दौरान जिला पंचायत सीईओ विजय राज और एसडीएम अनुपम शर्मा भी मौजूद रहे। अधिकारियों की इस सक्रियता ने ग्रामीणों के बीच यह संदेश दिया है कि सरकार उनकी समस्याओं को हल करेगी।

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper