कलेक्टर ने जिला आयुष अधिकारी कार्यालय का किया औचक निरीक्षण
धर्मेन्द्र गुप्ता की रिपोर्ट
विदिशा। दो कर्मचारी अनुपस्थित मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश, अभिलेखों एवं दवा भंडारण व्यवस्था को दुरुस्त करने के दिए निर्देश दिशा। कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने आज जिला आयुष अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण कर कार्यालयीन व्यवस्थाओं, अभिलेखों के संधारण एवं दवाओं के भंडारण की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न पंजियों एवं दस्तावेजों की जांच की तथा पाई गई कमियों को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश एसडीएम एवं कलेक्ट्रेट अधीक्षक को दिए गए।निरीक्षण प्रतिवेदन की जानकारी देते हुए एसडीएम श्री मनीष जैन ने बताया कि निरीक्षण के दौरान श्री जितेन्द्र असाटी एवं श्री अनिल कुशवाह, कम्प्यूटर ऑपरेटर अनुपस्थित पाए गए। इस पर संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यालय में पदस्थ समस्त आयुष चिकित्सकों एवं अन्य कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाएं, व्यक्तिगत नस्तियां, सेवा सत्यापन, अवकाश लेखा सहित अन्य आवश्यक प्रविष्टियों को अद्यतन रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालयीन अभिलेखों एवं पंजियों का नियमित संधारण किया जाए तथा उनमें की गई प्रविष्टियों को प्रभारी अधिकारी से प्रमाणित भी कराया जाए।दवाओं के भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देशित किया कि संचालनालय से प्राप्त दवाओं को नियमानुसार स्टॉक रजिस्टर में दर्ज किया जाए तथा मांग के अनुसार उनका वितरण सुनिश्चित किया जाए। स्टोर में उपलब्ध दवाओं का समय-समय पर भौतिक सत्यापन कराया जाए और वास्तविक उपलब्धता का स्टॉक रजिस्टर में दर्ज विवरण से मिलान किया जाए। उन्होंने स्टोर में यूनानी एवं होम्योपैथिक दवाओं को अलग-अलग व्यवस्थित रखने तथा दवाओं के कार्टून एवं रैक पर उनकी कालातीत होने की अवधि (एक्सपायरी डेट) स्पष्ट रूप से अंकित करने के निर्देश दिए, ताकि दवाओं का सुरक्षित एवं समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित हो सके।
कलेक्टर ने सभी चिकित्सकों, फील्ड स्टाफ एवं कार्यालयीन कर्मचारियों को बायोमेट्रिक अथवा सार्थक ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि निर्धारित व्यवस्था के अनुसार उपस्थिति दर्ज होने के उपरांत ही वेतन आहरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों पर समय-सीमा में जांच कर प्रतिवेदन संबंधित कार्यालय को भेजने तथा इसकी सूचना संबंधित आवेदक अथवा शिकायतकर्ता को भी अनिवार्य रूप से देने के निर्देश दिए। कार्यालयीन व्यवस्थाओं में पारदर्शिता, अनुशासन एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ सभी अभिलेखों को व्यवस्थित एवं अद्यतन रखने तथा शासकीय कार्यों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निष्पादन करने पर विशेष जोर दिया।

