भगवा झंडे को लेकर उपजा विवाद शांत, प्रांशुल अग्रवाल ने प्रशासन की कार्रवाई पर जताया संतोष
शिवपुरी से ऋषि गोस्वामी की रिपोर्ट
शिवपुरी। शहर के हृदय स्थल माधव चौक पर पिछले कुछ दिनों से भगवा झंडे को हटाए जाने को लेकर चल रहा गतिरोध अब शांत होता नजर आ रहा है। इस पूरे घटनाक्रम और हिंदू समाज के आक्रोश के बाद, स्थानीय युवा और सामाजिक कार्यकर्ता प्रांशुल अग्रवाल ने मीडिया से रूबरू होकर अपना पक्ष रखा।
शांति भंग करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं: प्रांशुल अग्रवाल
मीडिया से चर्चा के दौरान प्रांशुल अग्रवाल ने कहा कि शिवपुरी हमेशा से एक शांतिप्रिय शहर रहा है जहाँ सभी समाज और धर्म के लोग मिल-जुलकर रहते आए हैं। उन्होंने झंडा हटाए जाने की घटना को 'विकृत मानसिकता' वाले लोगों की करतूत बताया जो शहर का सौहार्द बिगाड़ना चाहते हैं।
नगर पालिका की भूमिका पर उठाए सवाल
प्रांशुल ने बताया कि परशुराम जयंती के अवसर पर लगाए गए भगवा ध्वज को हटाए जाने के बाद हिंदू समाज के युवाओं में गहरा रोष था। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो-तीन दिनों से वे और उनके साथी प्रशासन के चक्कर काट रहे थे, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा था।
प्रशासनिक आश्वासन और कार्रवाई
प्रांशुल अग्रवाल ने जानकारी दी कि आज नगर पालिका अध्यक्ष और अन्य अधिकारियों से सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने कहा:
"आज पूरे हिंदू समाज की एकता का ही परिणाम है कि हमारे धर्म की शान, हमारा भगवा ध्वज पुनः उसी स्थान पर पूरे मान-सम्मान के साथ स्थापित कर दिया गया है। नगर पालिका अध्यक्ष ने हमें आश्वासन दिया है कि किस अधिकारी के आदेश पर झंडा हटाया गया था, इसकी गहन जांच की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।"
समाज से शांति की अपील
अंत में उन्होंने सभी से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि वे अपने धर्म और संस्कृति के सम्मान के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। झंडा पुनः लगने पर उन्होंने समस्त हिंदू समाज का आभार व्यक्त किया और इसे अपनी आस्था की जीत बताया।

