खेड़ा गांव में पेयजल संकट गहराया, दो महीने से जली पड़ी है पानी की मोटर
सवादता:- पुनीत सेन
हंडिया। हंडिया तहसील के ग्राम खेड़ा में ग्राम पंचायत की उदासीनता के चलते पिछले दो महीने से पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गांव में पानी की मुख्य मोटर जली होने के कारण ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को मोहताज हैं और उन्हें अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले करीब साठ दिनों से मोटर खराब पड़ी है, लेकिन जिम्मेदारों ने इसकी सुध तक नहीं ली। स्थिति यह है कि महिलाओं और बच्चों को रोजमर्रा के उपयोग के लिए गांव से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित स्रोतों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। इस दौरान उन्हें व्यस्त सड़क भी पार करनी पड़ती है, जिससे हमेशा दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।
प्रशासन की बेरुखी से ग्रामीणों में आक्रोश
पानी की इस विकट समस्या से सबसे अधिक परेशानी गृहिणियों और स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। सुबह होते ही पानी के जुगाड़ में जुटना ग्रामीणों की दिनचर्या बन गया है, जिससे उनके समय और श्रम दोनों की भारी बर्बादी हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार गुहार लगाने के बावजूद ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारी इस गंभीर मसले पर आंखें मूंदे बैठे हैं।
ग्रामवासियों ने प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जली हुई मोटर को ठीक करवाकर नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो उन्हें मजबूरन उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। अब देखना यह होगा कि इस खबर के प्रकाशन के बाद प्रशासनिक अमला नींद से जागता है और ग्रामीणों को इस संकट से राहत दिलाता है।

