कुत्ते को भगवान कृष्ण के रूप में दर्शाने के विरोध में सकल हिंदू समाज का प्रदर्शन, सनातन धर्म की भावनाएं आहत होने का आरोप
इंदौर। महादेवी दिव्य धाम सेवा समिति के पीठाधीश्वर पंडित राजेश शास्त्री जी महाराज के नेतृत्व में सकल हिंदू समाज द्वारा एक मामले के विरोध में आक्रोश व्यक्त किया गया। आरोप है कि भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप से कुत्ते को जोड़कर प्रस्तुत किया गया, जिससे सनातन धर्म की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
पीठाधीश्वर पं. राजेश शास्त्री जी महाराज ने कहा कि हिंदू धर्म के आराध्य भगवान श्रीकृष्ण करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं। उनके स्वरूप और धार्मिक प्रतीकों को किसी भी ऐसे रूप में प्रस्तुत किया जाना, जिससे समाज की भावनाएं आहत हों, स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म और देवी-देवताओं के प्रति सम्मान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
इस दौरान रजत पंडित, कृष्णकांत दुबे, शर्मा जी सहित बड़ी संख्या में सकल हिंदू समाज के लोग मौजूद रहे। समाजजनों ने संबंधित प्रस्तुति/कृत्य का विरोध करते हुए मांग की कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
सकल हिंदू समाज ने स्पष्ट किया कि विरोध का उद्देश्य किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि सनातन धर्म और हिंदू देवी-देवताओं के सम्मान एवं धार्मिक आस्था की रक्षा करना है।

