सहज योग ध्यान से प्राप्त परम चैतन्य का ज्ञान, मानव जीवन की अमूल्य निधि है
सहज योग में परम चैतन्य का आशीर्वाद वह दिव्य और सर्वव्यापी ऊर्जा है, जो कुंडलिनी जागरण और आत्म-साक्षात्कार के बाद हमारे सिर के तालु भाग में और हाथों पर ठंडी हवा या स्पंदन के रूप में महसूस होती है। यह सर्वशक्तिमान परमात्मा का प्रेमपूर्ण आशीर्वाद है जो जीवन को शांति, आनंद और संतुलन से भर देता है।
श्री गणेश का सबसे बड़ा आशीर्वाद है अबोधिता। यही गुण हमें चैतन्य का बोध देता है। वही चैतन्य जो सारे संसार को चला रहा है। चैतन्य की सार्थकता यदि अविश्वसनीय लगती है तो उसका कारण है हम ध्यान से अपने आसपास के परिवेश को देखकर उसे आत्मसात नहीं करते। पेड़ पौधे, धरती, आकाश, समुद्र हमें यह विश्वास दिलाते हैं कि वे प्रकृति और ईश्वरीय चैतन्य से चलायमान हैं। हम ईश्वर प्रदत्त प्राकृतिक चीजों से कई चीजें बना लेते हैं.. पर किसी प्रकृति प्रदत्त चीजों का निर्माण नहीं कर सकते, यदि हमें किसी को खून देना है तो दूसरे इंसान के शरीर से निकालना पड़ता है..एक व्यक्ति को आंख लगाना हो तो दूसरे व्यक्ति को देना पड़ता है... क्योंकि ईश्वरीय सृजन इंसान के लिए संभव नहीं।
जब बात ईश्वरीय चैतन्य की होती है, तब उस अनुभूति को पाने का माध्यम है सहज योग। इसके लिए पूर्ण अबोधिता आवश्यक है, जो श्री गणेश का सबसे बड़ा आशीर्वाद है। अबोधिता के बगैर चैतन्य को महसूस नहीं किया जा सकता.. चैतन्य से बढ़कर कोई और निधि नहीं परंतु चैतन्य की व्याख्या नहीं की जा सकती, बस अनुभूति ही की जा सकती है।
सहज ज्ञान के अनुसार हमारे सूक्ष्म शरीर में तीन नाड़ियां और सात चक्र हैं और रीढ़ की हड्डी के नीचे वाली त्रिकोणाकार अस्थि में तीन कुंडल में सुप्तावस्था में विराजमान हैं कुंडलिनी शक्ति जिसके जागृत होते ही हमें चैतन्य की अनुभूति होने लगती है। इस चैतन्य को परम पूज्य श्री माताजी ने ईश्वर की ऊर्जा कहा है। इस उर्जा के जागृत होते ही सभी चक्र चलायमान होते हैं फलस्वरूप हमारे शारीरिक व मानसिक स्थिति में सुधार आता है। हम जिस कार्य से जुड़े हैं उस कार्य में निपुणता प्राप्त करने लगते हैं। ईश्वरीय शक्ति से जुड़ने के बाद जो फायदे हैं उन्हें चंद शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता है। ईश्वरीय चेतना की अनुभूति लेने हेतु सहज योग से जुड़ें। आवश्यकता सिर्फ शुद्ध इच्छा और अबोधिता की है।
आत्म साक्षात्कार को प्राप्त करने हेतु अपने नज़दीकी सहजयोग ध्यान केंद्र की जानकारी टोल फ्री नंबर 1800 2700 800 या वेबसाइट sahajayoga.org.in से प्राप्त कर सकते हैं। से प्राप्त कर सकते हैं।

