सिंहपुर के मां काली मंदिर की व्यवस्था अब लोक न्यास के हाथों
धर्म, सेवा और लोकधरोहर के संरक्षण के लिए गठित हुआ न्यास, 20 सदस्यों को मिली जिम्मेदारी
साहिल खान
शहडोल। सिंहपुर स्थित प्रसिद्ध मां काली मंदिर की व्यवस्थाओं को अब लोक न्यास के माध्यम से संचालित किया जाएगा। मध्यप्रदेश शासन द्वारा संधारित मां काली मंदिर लोक न्यास, सिंहपुर का विधिवत पंजीयन किया गया है। न्यास का पंजीयन क्रमांक 01/बी-113/2025-26/2632, जिला शहडोल दर्ज है। न्यास के गठन का उद्देश्य मंदिर की धार्मिक गतिविधियों के साथ सेवा कार्यों और लोकधरोहर के संरक्षण को व्यवस्थित रूप देना बताया गया है। न्यास की व्यवस्था में कलेक्टर शहडोल को प्रबंधक, अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) सोहागपुर को संरक्षक और तहसीलदार सोहागपुर को पदेन सचिव बनाया गया है। वहीं शिवनारायण द्विवेदी को अध्यक्ष तथा मनीष शुक्ला को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा श्रवण श्रीवास्तव को सह-सचिव, दीपेश तिवारी को सह-कोषाध्यक्ष और जगदीश प्रसाद तिवारी को स्थायी सदस्य बनाया गया है। दस्तावेज में दर्ज जानकारी के अनुसार मां काली मंदिर लोक न्यास में कुल 20 न्यासी एवं सदस्यों को शामिल किया गया है। इनमें मनोज त्रिपाठी, अमरेंद्र तिवारी, शिवनारायण द्विवेदी, रामजी शर्मा, श्रवण श्रीवास्तव, आदेश तिवारी, सूर्यकांत मिश्रा (निराला), विकास कुमार गुप्ता, जगदीश प्रसाद तिवारी, दीपेश तिवारी, प्रकाश तिवारी, रश्मि तिवारी, अनूप तिवारी, मनीष कुमार शुक्ला, ज्ञानेन्द्र मिश्रा, मृत्युंजय मिश्रा, सुनील कुमार शर्मा, समीर अग्रवाल, गिरीश श्रीवास्तव और विवेक कुमार तिवारी के नाम शामिल हैं। दस्तावेज के अनुसार मनोज त्रिपाठी को सांसद प्रतिनिधि तथा अमरेंद्र तिवारी को विधायक प्रतिनिधि के रूप में भी सूचीबद्ध किया गया है। न्यास में सिंहपुर के अलावा शहडोल, बुढ़ार, धुरवार, ऐताझर और जैतपुर क्षेत्र के लोगों को भी शामिल किया गया है। लोक न्यास के गठन के बाद मां काली मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं को अब एक संस्थागत स्वरूप मिलने की उम्मीद है। मंदिर की धार्मिक गतिविधियों, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सेवा कार्यों और मंदिर की परंपराओं के संरक्षण के लिए न्यास के माध्यम से योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा सकेगा। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से जुड़े सदस्यों को जिम्मेदारी दिए जाने से मंदिर की व्यवस्थाओं में समन्वय और जवाबदेही बढ़ने की भी उम्मीद जताई जा रही है। सिंहपुर का मां काली मंदिर लंबे समय से क्षेत्र के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। लोक न्यास के गठन के बाद श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को सुधारने और धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने की दिशा में काम होने की संभावना है। न्यास के गठन को मंदिर की व्यवस्था और संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

