मंदिरों के जीर्णोद्धार में मूल स्वरूप के साथ छेड़छाड़ नहीं किया जाए - संभागायुक्त श्री लाक्षाकार
प्रबंधन समिति की 15 दिनों में होगी बैठकें, भंडार का भौतिक सत्यापन 10 दिनों में सुनिश्चित होगा
दान में प्राप्त वस्तु का भंडारण पूरी प्रक्रियागत रूप से किया जायेगा
संभागायुक्त श्री लाक्षाकार ने धर्मस्व विभाग अंतर्गत आयुक्त नियंत्रित मंदिरों के प्रबंधन और विकास कार्यों की समीक्षा की
इंदौर
आदित्य शर्मा
संभागायुक्त श्री भास्कर लाक्षाकार की अध्यक्षता में धर्मस्व विभाग अंतर्गत आयुक्त नियंत्रित मंदिरों के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संभागायुक्त श्री लाक्षाकार ने इंदौर के 7 और धार जिले के 17 मंदिरों के प्रबंधन एवं विकास कार्यों को लेकर समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए है कि जिन मंदिरों में विकास कार्य प्रगति पर है तथा जो प्रस्तावित है, उन सभी के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ न किया जाए। उन्होंने सभी मंदिरों में प्रबंधन के लिए तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को मंदिर प्रबंधन समिति की 15 दिवस में बैठक कर अवगत कराने के निर्देश दिए है। साथ ही सभी मंदिरों के लिए संभागायुक्त की ओर से प्रबंधक नियुक्त किया जाए। इसके साथ ही 10 दिनों में मंदिरों के भंडार का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए है।
बैठक में स्मार्ट सिटी सीईओ श्री अर्थ जैन, प्रभारी उपायुक्त राजस्व श्रीमती शैली कनाश, धार डिप्टी कलेक्टर सुश्री निमीशा पांडे, अनुविभागीय अधिकारी सुश्री निधी वर्मा, आईडीए अधिकारी श्री कपिल भल्ला सहित मंदिर विकास कार्य से जुड़े विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में संभागायुक्त श्री लाक्षाकार ने निर्देश दिए कि गोपाल मंदिर में नवनिर्मित गीता भवन के संचालन का प्रबंधन ठीक प्रकार से संचालन किया जाए। गीता भवन में आने वाले दर्शनार्थियों की बैठक व्यवस्था एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाए। गोपाल मंदिर कॉम्प्लेक्स में जिन दुकानदारों को दुकाने आवंटित हो गई है, उनकी रजिस्ट्री का कार्य शीघ्र किया जाए। साथ ही शेष दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया को पूर्ण किया जाए।
वर्तमान स्थिति में सूची और संभावित मूल्य का भी आंकलन निर्धारण होगा
संभागायुक्त श्री लाक्षाकार ने मंदिरों में आने वाले दान राशि तथा बहुमूल्य दान वस्तुओं के सूची बनाने तथा उनके व्यवस्थित संधारण करने के निर्देश दिए है। साथ ही उन्होंने कहा कि वृत स्थिति में सूची और संभावित मूल्य का निर्धारण भी किया जायेगा। दान में प्राप्त हुई व होने वाली वस्तु के रूप में भंडारण की पूरी प्रक्रिया का पालन किया जाना भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। साथ ही मंदिर में आने वाले सभी दर्शनार्थियों के प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। दैनिक आय-व्यय का विवरण तैयार करें और मंदिरों में हो रहे विकास कार्यों की समीक्षा करें। मंदिरों की भूमि का प्रबंधन किया जाए।
नर्मदा के मध्य स्थित मंदिर बिलवामृतेश्वर का विकास कार्य जारी
धार जिले में धरमपुरी में नर्मदा नदी के मध्य स्थित बिलवामृतेश्वर मंदिर के निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण समयसीमा में पूरा किया जाए। इस मंदिर में वर्ष 2025 से विकास कार्य प्रगतिरत है। यहाँ 5 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से बाउड्रीवॉल के अतिरिक्त संत निवास, शौचालय, ब्लॉक आदि निर्माण कार्य होंगे।

