वेदों ने जिस मार्ग का प्रतिपादन किया वही धर्म है।- पं सरजूशरण शास्त्री
शिवपुरी जिला ब्यूरो चीफ हेमंत भार्ग
बिलैया परिवार के यहा चल रहा धार्मिक अनुष्ठान
करैरा ब्यूरो - नगर हुआ भक्तिमय प्रतिष्ठित समाजसेवी व्यापारी अनिल बिलैया रामबाबू बिलैया, वीरेन्द्र बिलैया,मनोज बिलैया, पत्रकार संजय बिलैया,मनीष बिलैया, शैलेश बिलैया परिवार के यहा 23 जून कलश यात्रा के साथ प्रारंभ हुआ। सपादलक्ष्य शिव पार्थिव पूजन रूद्राभिषेक महामृत्युंजय जाप श्रीमद्भागवत में चल रहे सपाद् लक्ष्य महामृत्युंजय जाप सपादलक्ष्य शिव पार्थिव पूजन श्रीमद् भागवत मूल पाठ एवं श्री नवचण्डी पाठ विद्वान ब्राह्मणों द्वारा चल रहा है जिसके मुख्य यजमान श्री मती रूपाली अमित बिलैया, आयोजन के अचार्य पंडित श्री सरजू शरण शास्त्री करैरा ने शिव महिमा का वर्णन करते हुए बताया की वेदों ने जिस मार्ग का प्रतिपादन किया वही धर्म है को देव कहते हैं
वेदों में जिस मार्ग का खंडन किया है वही अर्धम में जो धर्मवान होता है वह दयावान, सत्यवान, श्रदावान एवं तपवान होता है। धर्म की तेरह धर्मपरिन है अधर्म के परिन का नाम हिंसा है। जो अधर्मी होते हैं उनके अंदर हिंसात्मक प्रवृत्ति होती है। अतः जो भी भक्त शिव पार्थिव पूजन रूद्राभिषेक करते हैं उनके सभी कष्ट पीड़ा दूर करते हैं - महादेव। प्रतिदिन समाजसेवी ,ईष्ट मित्र, नाते रिस्तेदार,गणमान्य नागरिक, पत्रकार गण सहित सैकड़ो की संख्या प्रतिदिन सभी भक्तो वेलपत्र चढाकर पूजा अर्चना की बाबा भोलेनाथ की आरती कर प्रसाद लिया। सपादलक्ष शिव पार्थिव पूजन रूद्राभिषेक कर वेलपत्र चढाया। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत, करैरा विधायक रमेश प्रसाद खटीक, नगर परिषद अध्यक्ष पति रामस्वरूप रावत, गहोई वैश्य महासभा के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष सुरेश बंधु , भोगीलाल बिलैया, चौरासी क्षेत्रीय वरिष्ठ संघ पूर्व अध्यक्ष ओम प्रकाश पहारिया, चौरासी क्षेत्रीय अध्यक्ष रामेन्द्र छिरौल्या, कोषाध्यक्ष द्वारिका प्रसाद नीखरा, चौरासी क्षेत्रीय महिला मंडल अध्यक्ष श्री मती मनीषा नौगरैया, वशिष्ठ समाजसेवी प्रदीप सेठ, गहोई समाज अध्यक्ष रामगोपाल कुचिया, पवन निगोती, महिला मंडल अध्यक्ष श्री मती भावना सुरेन्द्र नगरिया, संगठन मंत्री श्री मती नेहा मोनू गुप्ता, गणेश दुबे, राकेश नीखरा, महेश नगरिया,मुकेश पंडा,अशोक चौधरी, नरेश सरावगी, कौशल किशोर बौहरे ,बंटी रावत सहित एक सैकडा से अधिक भक्त शामिल हुए। भोले बाबा के भक्ति के रस मे डूब गए।

