लंबित मांगों को लेकर प्राध्यापक संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
दिव्यानंद अर्गल
ग्वालियर। प्रांतीय शासकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ, मध्यप्रदेश के ग्वालियर संभाग एवं जिला इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को डॉ. हरिशंकर सिंह कंसाना के नेतृत्व में श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर आदर्श विज्ञान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरिता श्रीवास्तव को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत प्राध्यापकों, क्रीड़ा अधिकारियों एवं ग्रंथपालों की वर्षों से लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की। ज्ञापन में संघ ने वर्ष 2004-05 में नियुक्त बैकलॉग सहायक प्राध्यापकों की परीक्षा अवधि नियुक्ति तिथि से दो वर्ष बाद समाप्त मानकर उन्हें करियर एडवांसमेंट का लाभ देने तथा जिन सहायक प्राध्यापकों ने अभी आवश्यक योग्यता अर्जित नहीं की है, उन्हें वर्ष 2028 तक योग्यता प्राप्त करने का अवसर देने की मांग की। इसके अलावा क्रीड़ा अधिकारियों एवं ग्रंथपालों को सहायक प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक एवं प्राध्यापक का पदनाम देने तथा उनकी सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष किए जाने की मांग भी रखी गई।
संघ ने वर्ष 2009, 2011 एवं 2019 में नियमितीकरण से वंचित सहायक प्राध्यापकों की परीक्षा अवधि समाप्त कर उन्हें भी करियर एडवांसमेंट योजना का लाभ देने, सेवानिवृत्त शिक्षकों की पेंशन, वेतन निर्धारण, अर्जित अवकाश एवं समूह बीमा भुगतान के लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने की भी मांग की। साथ ही उच्च शिक्षा विभाग में पिछले 10 वर्षों से परामर्शदात्री समिति की बैठक नहीं होने पर चिंता व्यक्त करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग के नियमों के अनुसार नियमित बैठक आयोजित करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के साथ ग्वालियर संभाग एवं जिले के विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों में प्राध्यापकों ने अपने-अपने कार्यस्थलों पर रहकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस दौरान डॉ. नगेन्द्र चतुर्वेदी, डॉ. डी.के. शर्मा, डॉ. वी.के. गुप्ता, डॉ. एस.एस. सेंगर, डॉ. ए.के. बरैया, डॉ. वेद प्रकाश, डॉ. अंजू नागर सहित अनेक वरिष्ठ प्राध्यापक उपस्थित रहे। वहीं शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के डॉ. हरीश अग्रवाल तथा शासकीय के.आर.जी. कन्या महाविद्यालय के डॉ. वासुदेव सिंह जादौन सहित अन्य महाविद्यालयों के प्राध्यापकों ने भी सांकेतिक प्रदर्शन में भाग लेकर लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की।

