नियम-आधारित व्यवस्था अब बेअसर, मार्क कार्नी ने अमेरिका के 'उपयोगी भ्रम' वाले दौर की समाप्ति का किया ऐलान
दावोस। स्विस एल्प्स की बर्फीली पहाड़ियों के बीच चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने वैश्विक कूटनीति की पुरानी किताब के पन्ने फाड़ दिए हैं। दशकों से चली आ रही अमेरिकी नेतृत्व वाली विश्व व्यवस्था पर सीधा हमला बोलते हुए कार्नी ने साफ कर दिया- पुराना दौर अब कभी वापस नहीं आएगा। कार्नी का यह भाषण महज एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि बदलती दुनिया की एक कड़वी सच्चाई का दस्तावेज था। उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के कहा- हम किसी बदलाव के दौर में नहीं, बल्कि एक भारी टूट के बीच खड़े हैं। कार्नी ने कहा कि अमेरिकी नेतृत्व वाली वैश्विक व्यवस्था का दौर अब प्रभावी रूप से समाप्त हो चुका है और पुरानी नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की धारणाएं अब काम नहीं करतीं।
बिना अमेरिका या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए, कार्नी ने उस 'अमेरिकी हेजेमनी' (वर्चस्व) पर चोट की, जिसने दशकों तक दुनिया को यह भरोसा दिलाया था कि वैश्वीकरण से सबका भला होगा। कार्नी ने इस भरोसे को 'आंशिक झूठ' करार दिया। उन्होंने कहा- हमें पता था कि यह कहानी पूरी तरह सच नहीं थी। ताकतवर देश अपनी सुविधा के अनुसार नियम तोड़ते रहे और व्यापार के नियम हमेशा एकतरफा लागू किए गए। यह एक तरह का उपयोगी भ्रम था और खासतौर पर अमेरिकी वर्चस्व ने कुछ वैश्विक सार्वजनिक वस्तुएं भी उपलब्ध कराईं। लेकिन अब यह सौदा काम नहीं कर रहा।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

