होर्मुज़ संकट से अमेरिका ने खींचे हाथ! ट्रंप बोले- जिसे तेल चाहिए, वही करे इस रास्ते की रखवाली
वॉशिंगटन डीसी। ईरान जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम बीस मिनट का संबोधन दिया. ट्रंप जिन्होंने बार-बार यह धमकी दी है कि अगर ईरान शिपिंग के लिए होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से नहीं खोलता है, तो वह ईरान के परमाणु संयंत्रों पर हमला करेंगे, आज संबोधन में बोले कि अमेरिका को इस होर्मुज़ मार्ग से तेल की ज़रूरत नहीं है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह 06:30 देश को संबोधित किया. एक महीने से भी ज़्यादा वक्त पहले इज़रायल के साथ मिलकर हमले शुरू करने के बाद अपने पहले प्राइम-टाइम भाषण में उन्होंने ईरान में चल रहे युद्ध के बारे में ताज़ा जानकारी दी.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "अमेरिका होर्मुज़ स्ट्रेट से लगभग कोई तेल नहीं लेता है. हमें इसकी ज़रूरत नहीं है. जिन देशों को होर्मुज़ से तेल मिलता है, उन्हें उस रास्ते का ध्यान रखना चाहिए. उन्हें उसे संभालकर रखना चाहिए और उसकी हिफ़ाज़त करनी चाहिए."
अपनी स्पीच के ज़रिए ट्रंप को एक बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचने का मौका मिला, जिससे वे युद्ध के मकसद बता सकें. इन मकसदों के ज़रिए वे पिछले कुछ हफ़्तों से बदलते टार्गेट्स और अक्सर एक-दूसरे के विपरीत संदेशों के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश कर रहे थे कि क्या वे सैन्य अभियान खत्म कर रहे हैं या उन्हें और तेज़ करने के लिए तैयार हैं. वहीं, दूसरी तरफ ईरान, इज़रायल और फ़ारसी खाड़ी के पड़ोसी देशों पर अपने हमले जारी रखे हुए था और तेहरान पर हवाई हमले हो रहे थे.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "पिछले चार हफ़्तों में हमारी सेना ने युद्ध के मैदान में तेज़, निर्णायक और ज़बरदस्त जीत हासिल की है. हमारे पास दुनिया की सबसे मज़बूत सेना है."
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका आने वाले हफ़्तों में ईरान के ख़िलाफ़ अपने सैन्य अभियान को और तेज़ करेगा, भले ही पर्दे के पीछे बातचीत जारी हो. ट्रंप ने कहा, "हम अगले दो से तीन हफ़्तों में उन पर बहुत ज़ोरदार हमला करने जा रहे हैं." उन्होंने आगे कहा कि ईरान का तेल इंफ्रास्ट्रक्चर एक संभावित निशाना बना हुआ है और कहा कि ज़रूरत पड़ने पर अमेरिका "उनके तेल ठिकानों पर हमला कर सकता है."
इसके साथ ही, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि कूटनीतिक रास्ते खुले हुए हैं और बताया कि बातचीत जारी है, जबकि वॉशिंगटन अपने अगले क़दमों पर विचार कर रहा है.
साभार आज तक

