खेती से ज्यादा अब फैक्ट्रियों और सर्विस सेक्टर में रोजगार: सरकारी सर्वे में सामने आए राहत भरे आंकड़े

  • Share on :

नई दिल्ली। देश में बेरोजगारी दर 2025 में थोड़ी घटकर 3.1% हो गई है। यह आंकड़ा 2024 में 3.2% था, यानी मामूली सुधार जरूर हुआ है। यह जानकारी सरकार के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) 2025 में सामने आई है, जिसे सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने जारी किया है। रिपोर्ट बताती है कि रोजगार के मामले में देश में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और यह सुधार लगभग हर सेक्टर और पुरुष-महिला दोनों में देखने को मिला है। पुरुषों की बेरोजगारी दर 3.3% से घटकर 3.1% हो गई, जबकि महिलाओं की बेरोजगारी दर 3.1% पर ही स्थिर रही।
अगर ग्रामीण और शहरी इलाकों की बात करें तो गांवों में स्थिति ज्यादा बेहतर दिख रही है। ग्रामीण बेरोजगारी दर 2.5% से घटकर 2.4% हो गई, जो यह दिखाता है कि गांवों में लोगों को काम मिलने की स्थिति मजबूत हो रही है। खास बात यह है कि गांवों में महिलाओं की बेरोजगारी दर सिर्फ 2.1% रही, जो पुरुषों (2.6%) से भी कम है। वहीं शहरों में बेरोजगारी दर ज्यादा है, पुरुषों के लिए 4.2% और महिलाओं के लिए 6.4%।
रोजगार के प्रकार में भी बदलाव देखने को मिला है। खुद का काम करने वालों की हिस्सेदारी थोड़ी घटी है, 2024 में 57.5% से घटकर 2025 में 56.2% रह गई। लेकिन अच्छी बात यह है कि नियमित सैलरी वाली नौकरियों में बढ़ोतरी हुई है, जो 22.4% से बढ़कर 23.6% हो गई। इसका मतलब है कि लोगों को ज्यादा स्थायी नौकरियां मिल रही हैं। वहीं दिहाड़ी मजदूरी लगभग 20% के आसपास ही बनी हुई है। सेक्टर के हिसाब से देखें तो खेती अभी भी सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र है, लेकिन इसमें थोड़ी गिरावट आई है, 44.8% से घटकर 43%। इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग (कारखानों) में रोजगार बढ़ा है और सर्विस सेक्टर (जैसे होटल, ट्रांसपोर्ट, अन्य सेवाएं) में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है। कंस्ट्रक्शन सेक्टर में हल्की गिरावट देखी गई।
साभार अमर उजाला 

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper