SECL की लापरवाही का नहीं कोई अंत दूषित कचरे से खतरे में पड़े गौवंश
प्रदीप सिंह बघेल
शहडोल। जहां एक तरफ गौवंश को बचाने और उनकी सुरक्षा की मांग जोरों पर हैं वहीं जिले के धनपुरी नगरपालिका अंतर्गत बैगा माइंस के समीप SECL प्रबंधन और नगर का कूड़ा-कचरा खुले में डंप किया जा रहा है, जिसमें बायो वेस्ट और प्लास्टिक पन्नियां बड़ी मात्रा में शामिल हैं। इस कचरे के बीच गौवंश और अन्य मवेशी भोजन की तलाश में पहुंचकर प्लास्टिक और जहरीले अवशेषों का सेवन कर रहे हैं। इससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है और मौत का खतरा लगातार मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि आखिर यह कचरा खुले में कौन फेंक रहा है, लेकिन इसकी जिम्मेदारी से कोई भी बच नहीं सकता,नगर पालिका और संबंधित विभागों की अनदेखी के चलते यह समस्या दिन-ब-दिन विकराल होती जा रही है।
गौरतलब है कि हाल ही में अमलाई ओपन कास्ट माइंस क्षेत्र में SECL की लापरवाही के चलते केमिकल युक्त पानी पीने से 8 से अधिक गोवंशों की मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था, एक मां गाय का अपने बछड़े के सामने तड़प-तड़प कर दम तोड़ना बेहद ही मार्मिक और दिल दहला देने वाला दृश्य था, जिसने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया था,इसके बावजूद हालात में कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहा है। अब बंद पड़ी बैगा माइंस के पास फैल रहा यह कचरा एक और बड़े हादसे की आशंका को जन्म दे रहा है।
स्थानीय नागरिकों गौर रक्षक और पशु प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल इस क्षेत्र की सफाई कराई जाए, कचरा फेंकने वालों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए और गौवंश की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, वरना यह लापरवाही आने वाले समय में और भी भयावह रूप ले सकती है।
वहीं इस पूरे मामले में म.प्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शहडोल के क्षेत्रीय अधिकारी (RO) डॉ अशोक कुमार तिवारी का कहना है कि व्हाट्सअप के माध्यम से कुछ वीडियो प्राप्त हुए है, उस पर कार्यवाही करते हुए संबंधित CBW के संचालक और SECL को पत्राचार किया और जिस नगर परिषद द्वारा कचरा फेंका जा रहा उसकी जांच कर दोषियों पर उचित कार्यवाही की जाएगी.

