तिलक वर्मा और विल जैक्स का तूफान: मुंबई ने धर्मशाला में छीनी पंजाब के मुंह से जीत

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धर्मशाला। आईपीएल की शुरुआत से ही पंजाब किंग्स की गेंदबाजी यूनिट सवालों के घेरे में रही है। बल्लेबाजों के दम पर 200 का स्कोर बनाने वाली टीम के गेंदबाज डिफेंड करने में नाकाम रहे। इसका मुजायरा आज के मैच में देखने को मिला, जब आखिरी 18 गेंदों पर मुंबई को जीत के लिए 50 रनों की जरूरत थी और गेंदबाज विफल रहे। बता दें कि, गुरुवार को धर्मशाला में खेले गए आईपीएल मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब ने प्रभसिमरन सिंह की अर्धशतकीय पारी की मदद से 20 ओवर में आठ विकेट पर 200 रन बनाए। जवाब में मुंबई ने 19.5 ओवर में चार विकेट पर 205 रन बनाए और मुकाबला अपने नाम कर लिया। पंजाब के लिए अजमतुल्लाह ओमरजई ने दो विकेट लिए जबकि मार्को यानसेन और युजवेंद्र चहल ने एक-एक सफलता अपने नाम की।
रोहित शर्मा और रेयान रिकेल्टन ने मुंबई को इस मैच में अच्छी शुरुआत दिलाई थी। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 61 रनों की साझेदारी हुई, जिसके ओमरजई ने तोड़ा। उन्होंने रिकेल्टन को प्रियांश आर्या के हाथों कैच कराया। वह 23 गेंदों में 48 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद यानसेन ने नमन धीर को पवेलियन भेजा। वह सिर्फ नौ रन बना सके। वहीं, रोहित (25) भी चहल का शिकार बने। 
88 पर तीन विकेट खो चुकी मुंबई को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। मोर्चा तिलक वर्मा और शेरफेन रदरफोर्ड ने संभाला। दोनों के बीच 42 गेंदों में 61 रनों की साझेदारी हुई। इस दौरान रदरफोर्ड 20 रन बनाकर आउट हुए। उस वक्त मुंबई का स्कोर चार विकेट पर 149 रन था। अब बल्लेबाजी के लिए विल जैक्स आए। उन्होंने तिलक वर्मा के साथ पांचवें विकेट के लिए 20 गेंदों में 56 रनों की नाबाद साझेदारी की और टीम की जीत सुनिश्चित की। इस दौरान तिलक ने 25 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और 33 गेंदों में 75 रन बनाकर नाबाद रहे। वहीं, विल जैक्स 10 गेंदों में दो चौके और दो छक्के की मदद से 25 रनों की पारी खेलकर नाबाद रहे। 
इस मुकाबले ने पंजाब के गेंदबाजी आक्रमण की कलई खोल दी। जब आखिरी 18 गेंदों में टीम के गेंदबाज 50 रन नहीं डिफेंड कर सके। 18वें ओवर में यानसेन ने 22 रन लुटाए। इसके बाद गेंदबाजी के लिए आए अर्शदीप सिंह ने 15 रन लुटाए। अब आखिरी छह गेंदों पर मुंबई को 15 रनों की जरूरत थी, गेंद बार्टलेट को थमाई गई। लेकिन दबाव की परिस्थितियों में बार्टलेट कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और मुंबई ने शानदार अंदाज में मुकाबला अपने नाम किया।
इस मैच में  पंजाब किंग्स ने बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। टीम आईपीएल इतिहास की पहली ऐसी फ्रेंचाइजी बन गई है जिसने दो अलग-अलग सीजन में एक ही सीजन के दौरान आठ बार 200 या उससे अधिक का स्कोर बनाया। 
आईपीएल इतिहास में खास रिकॉर्ड
आईपीएल इतिहास में अब तक केवल तीन टीमें ही किसी एक सीजन में आठ बार 200+ स्कोर तक पहुंच सकी हैं।
पंजाब किंग्स: 2025 और 2026
गुजरात टाइटंस: 2025
सनराइजर्स हैदराबाद: 2026
पंजाब किंग्स अब ऐसी इकलौती टीम बन गई है जिसने यह कारनामा दो अलग-अलग सीजन में किया है।
पंजाब की शुरुआत शानदार रही। सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्या और प्रभसिमरन सिंह ने पहले विकेट के लिए 33 गेंदों में 50 रन जोड़े। प्रियांश 17 गेंदों में 22 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद प्रभसिमरन सिंह ने कूपर कोनोली के साथ दूसरे विकेट के लिए 35 गेंदों में 57 रन की साझेदारी की। प्रभसिमरन ने 32 गेंदों में 57 रन की तेज पारी खेली। उनके आउट होने के बाद पंजाब की पारी थोड़ी लड़खड़ाई और लगातार विकेट गिरते रहे।
मध्यक्रम में अजमतुल्लाह ओमरजई ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 17 गेंदों में 38 रन बनाए। उनकी पारी में चार छक्के और दो चौके शामिल रहे। अंत में जेवियर बार्टलेट ने नाबाद 18 रन और विष्णु विनोद ने नाबाद 15 रन बनाकर टीम का स्कोर 200/8 तक पहुंचाया। मुंबई इंडियंस की ओर से शार्दुल ठाकुर सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने चार विकेट झटके। इसके अलावा दीपक चाहर ने दो विकेट हासिल किए, जबकि कॉर्बिन बॉश और राज बावा को एक-एक विकेट मिला।
साभार अमर उजाला

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