तुकईथड: समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र पर किसानों का बुरा हाल, 'अन्नदाता' परेशान, जिम्मेदारों की मनमानी जारी

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महेन्द्र मालवीय रणजीत टाईम्स
बुरहानपुर। मध्य प्रदेश में सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर चना खरीदी का दावा किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। बुरहानपुर जिले के ग्राम तुकईथड़ स्थित खरीदी केंद्र पर अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि किसान अपनी उपज बेचने के लिए तीन-तीन दिनों से खुले आसमान के नीचे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रात बिताने को मजबूर हैं।

अनाज के कट्टों के नाम पर हो रही है खुलेआम लूट

किसानों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि खरीदी केंद्र पर भारी भ्रष्टाचार हो रहा है। नियमानुसार 'वरदान' (जूट के कट्टे) का वजन 450 ग्राम निर्धारित है, लेकिन किसानों से प्रत्येक 50 किलो के कट्टे पर 800 से 850 ग्राम वजन काटा जा रहा है। यानी प्रति कट्टा 400 ग्राम अतिरिक्त उपज किसानों से अवैध रूप से वसूली जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

जिम्मेदार अपनी मर्जी के मालिक, किसान बेहाल

तुकईथड़ खरीदी केंद्र पर अव्यवस्थाओं की लंबी फेहरिस्त है:
मनमानी खरीदी: केंद्र पर खरीदी सुचारू रूप से नहीं हो रही है। जिम्मेदार अधिकारी अपनी मर्जी के मालिक बने हुए हैं, जब इच्छा होती है खरीदी शुरू करते हैं और जब मन करता है बंद कर देते हैं।
धीमी गति: दिनभर में मात्र 10 से 12 ट्रैक्टर ही खाली हो पा रहे हैं, जिससे किसानों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।
तोल कांटों की कमी: भारी भीड़ के बावजूद केवल एक ही तोल कांटा चालू है, जबकि यहां कम से कम 2 से 3 कांटों की तत्काल आवश्यकता है।
हम्मालों का अभाव: पर्याप्त संख्या में हम्माल नहीं होने के कारण भी काम की रफ्तार कछुआ गति से चल रही है।

सुविधाओं का घोर अभाव

एक तरफ अपने घरों में ए.सी. और कूलर की ठंडी हवा में बैठे अधिकारी , तो दूसरी तरफ खुले आसमान के नीचे मच्छरों के बीच रात गुजारते किसान। केंद्र पर पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी घोर अभाव है। किसानों का कहना है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के खरीदी बंद कर दी जाती है, जिससे उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ता है या फिर वहीं रुकना पड़ता है।

तत्काल सुध लेने की मांग

तुकईथड़ के किसानों ने जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि वे तत्काल इस खरीदी केंद्र का निरीक्षण करें। किसानों ने मांग की है कि अतिरिक्त तोल कांटों की व्यवस्था हो, अवैध कटौती बंद की जाए और खरीदी की गति बढ़ाई जाए ताकि उन्हें इस भीषण गर्मी और अव्यवस्थाओं से मुक्ति मिल सके।

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