"भरोसे की मिसाल बने दो अधिकारी, प्रशासन और संवाद की ताकत से बनाई अलग पहचान"

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राजेन्द्र कानूनगो और संजय सक्सेना की कार्यशैली बनी सुशासन, समन्वय और जनसंपर्क की मिसाल
राजेश धाकड़ 
लोकतंत्र में सरकार की नीतियों को धरातल तक पहुंचाने में अधिकारियों की भूमिका बेहद अहम होती है। मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधि जहां नेतृत्व की दिशा तय करते हैं, वहीं अनुभवी अधिकारी अपनी प्रशासनिक क्षमता, समन्वय और कार्यकुशलता से उस दिशा को सफल बनाते हैं। मध्यप्रदेश में ऐसे ही दो नाम हैं—राजेन्द्र कानूनगो और संजय सक्सेना, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में भरोसे और दक्षता की पहचान बनाई।

राजेन्द्र कानूनगो ने मुख्यमंत्री कार्यालय में रहते हुए प्रशासनिक प्रबंधन, कार्यक्रम समन्वय और व्यवस्था संचालन में अपनी अलग छाप छोड़ी। बड़े आयोजनों से लेकर विभागीय तालमेल तक, उनकी कार्यशैली में अनुशासन, समय प्रबंधन और टीम भावना स्पष्ट दिखाई दी।

वहीं संजय सक्सेना ने जनसंपर्क और मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाई। सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रभावी संवाद के माध्यम से जनता और राष्ट्रीय मीडिया तक पहुंचाने में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही।

दोनों अधिकारियों की कार्यशैली यह संदेश देती है कि प्रशासन में सफलता केवल पद से नहीं, बल्कि अनुभव, विश्वसनीयता और परिणाम देने की क्षमता से तय होती है। अलग-अलग जिम्मेदारियों के बावजूद दोनों ने शासन व्यवस्था में समन्वय और संवाद की मजबूत कड़ी के रूप में अपनी पहचान कायम की।

मध्यप्रदेश के प्रशासनिक और जनसंपर्क क्षेत्र में राजेन्द्र कानूनगो और संजय सक्सेना की कार्ययात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए दक्षता, समर्पण और सुशासन का उदाहरण बनी रहेगी।

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