सेवक प्रॉपर्टीज के मालिक, श्री हीरानंद खटवानी जी का चेटीचंड महोत्सव में अद्वितीय योगदान
इंदौर। बीते दो दशकों से भी अधिक समय से, सेवक प्रॉपर्टीज के माननीय मालिक, श्री हीरानंद खटवानी, हर वर्ष चेटीचंड के अवसर पर सिंधी समाज की भव्य रैली में अपनी और अपने परिवार की सेवाएं प्रदान करते हैं। इस परंपरा को 25 वर्षों से भी ज्यादा समय से निभाते आ रहे हैं, और इस बार भी उन्होंने इस अवसर पर अपनी पूर्ण लगन और समर्पण के साथ सेवा प्रदान की।

इस विशेष आयोजन में उनका योगदान सिर्फ समाज को ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और संस्कृति के प्रसार में भी महत्वपूर्ण रहा है। रैली में शामिल होने के अलावा, श्री खटवानी और उनका परिवार विभिन्न सेवा कार्यों में भी सक्रिय रूप से भाग लेते हैं, जिससे समाज के अन्य सदस्यों को भी प्रेरणा मिलती है।

रंजीत टाइम्स ने भी इस आयोजन में उत्साह के साथ भाग लिया और इस आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। इस साल की रैली ने न केवल सिंधी समाज की संस्कृति और परंपराओं को उजागर किया, बल्कि यह भी दिखाया कि कैसे सामूहिक प्रयासों से सामाजिक सौहार्द और एकता को बढ़ावा दिया जा सकता है।

इस आयोजन में श्री खटवानी जी और उनके परिवार का योगदान समाज के लिएएक प्रेरणादायक मिसाल कायम करता है। उनकी सेवाओं और समर्पण ने समुदाय के अन्य सदस्यों को भी सक्रिय रूप से सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया है।

चेटीचंड का उत्सव सिंधी समाज के लिए नव वर्ष का प्रतीक है, और इस दिन समाज के सदस्य एकता, सामाजिक सहयोग और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की भावना के साथ एकत्रित होते हैं। श्री खटवानी जी और उनके परिवार का योगदान इस भावना को और भी मजबूत करता है, जिससे न केवल उनके समुदाय को बल्कि समाज के अन्य वर्गों को भी एक सकारात्मक संदेश मिलता है।

रंजीत टाइम्स द्वारा इस आयोजन का समर्थन और कवरेज ने सिंधी समाज की इस पहल को व्यापक मंच प्रदान किया है, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाई जा सके। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और विविध संस्कृतियों और परंपराओं के महत्व को उजागर करने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।

सेवक प्रॉपर्टीज के मालिक श्री हीरानंद खटवानी जी का और रंजीत टाइम्स का यह संयुक्त प्रयास समाज को एकजुटता और सहयोग की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है, और साथ ही साथ यह संदेश भी देता है कि हमारी संस्कृति और परंपराएं हमें कैसे जोड़ती हैं और हमारे समाज को अधिक समृद्ध बनाती हैं।

