जनप्रतिनिधियों के लिए वीआईपी व्यवस्था, कड़कती धूप में बेहाल दिखे बच्चे, जनप्रतिनिधियों के लिए सजे टीन शेड और कुर्सियां
जिला ब्यूरो महेंद्र मालवीय
बुरहानपुर। आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देड़तलाई में आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रशासन की असंवेदनशीलता का एक गंभीर मामला सामने आया है। कार्यक्रम के दौरान एक तरफ जहां अतिथियों और जनप्रतिनिधियों के विश्राम के लिए छांव, टीन शेड और आरामदायक कुर्सियों के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, वहीं दूसरी ओर देश के भविष्य यानी स्कूली छात्र-छात्राओं को कड़कती धूप में खुले आसमान के नीचे बैठने पर मजबूर होना पड़ा।
चुनरी से सिर ढकने को मजबूर हुईं छात्राएं
कार्यक्रम के समय धूप इतनी तेज थी कि बच्चे गर्मी से बेहाल दिखे। धूप के प्रकोप से बचने के लिए छात्राओं को अपनी चुनरी और रुमाल से मुंह व सिर ढकना पड़ा। कई छात्र-छात्राएं पसीने से तर-बतर होकर काफी देर तक परेशान होते नजर आए, लेकिन विद्यालय प्रशासन का ध्यान इन मासूमों की परेशानी की तरफ नहीं गया।
अतिथियों की खातिरदारी में भूल गए बच्चों का दर्द
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष गंगाराम मार्को और भाजपा मंडल अध्यक्ष महेंद्र जोगी सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे। प्रभारी प्राचार्य गुंजन भावसार द्वारा अतिथियों के स्वागत और उनके बैठने के लिए तो चाक-चौबंद उत्तम व्यवस्था की गई, लेकिन जिनके लिए यह आयोजन रखा गया था, उन्हीं विद्यार्थियों की बुनियादी सहूलियत को नजरअंदाज कर दिया गया।
व्यवस्था पर उठे सवाल
एक तरफ सरकार बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि प्रशासनिक कार्यक्रमों में बच्चों की सुविधा से ज्यादा तवज्जो अतिथियों की आवभगत को दी जाती है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्कूल प्रबंधन के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये को लेकर पालकों और स्थानीय ग्रामीणों में गहरा असंतोष है।
संकुल प्रभारी ने बताया कि कार्यक्रम कि शुरूआत में बच्चों को बिठाया गया था धूप में। कुछ समय बाद धूप बढ़ते देख बच्चों को गैलरी में बिठाया गया था। कार्यक्रम कम समय में समाप्त कर दिया गया था।

