खामेनेई की मौत के बाद महायुद्ध: अमेरिकी नौसेना का बड़ा प्रहार, जल उठा ईरान का 'ड्रोन शिप'
नई दिल्ली. अमेरिकी सेना ने 6 मार्च 2026 को बड़ा खुलासा किया है कि अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे ईरान के खिलाफ युद्ध में अब तक ईरान के 30 से ज्यादा जहाज डुबो दिए गए हैं. इनमें एक ईरानी ड्रोन जहाज भी शामिल है. यह जानकारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने दी.
उन्होंने बताया कि युद्ध के पहले दिन से अब तक ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में 90 प्रतिशत की भारी कमी आ गई है. यह युद्ध ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद शुरू हुआ था और अब पूरे मध्य पूर्व में फैल चुका है.
एडमिरल ब्रैड कूपर ने स्पष्ट कहा कि अमेरिकी नौसेना ने अब तक ईरान के 30 से ज्यादा जहाजों को पूरी तरह डुबो दिया है. इनमें बड़े-बड़े युद्धपोत, छोटे जहाज और खासतौर पर एक ड्रोन जहाज शामिल है जो ईरान इस्तेमाल कर रहा था. यह ड्रोन जहाज अभी भी आग में जल रहा है. समुद्र में लहरें उसे डुबोने की कोशिश कर रही हैं.
अमेरिकी सेना का कहना है कि ये जहाज ईरान को हथियार पहुंचाने, हमले करने और समुद्र में घुसपैठ करने के लिए इस्तेमाल हो रहे थे. अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सेना ने इन जहाजों को लक्ष्य बनाकर हमले किए जिससे ईरान की समुद्री ताकत बहुत कमजोर हो गई है.
युद्ध के पहले दिन ईरान ने इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर भारी बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं. लेकिन एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि अब इन हमलों में 90 प्रतिशत की कमी आ गई है. इसका मुख्य कारण है कि अमेरिकी और इजरायली सेना ने ईरान के मिसाइल ठिकानों और जहाजों पर लगातार हमले किए हैं.
ईरान के पास अब कम मिसाइलें बची हैं. उसकी सप्लाई लाइन भी टूट चुकी है. अमेरिकी सेना ने ईरान की समुद्री राहों को बंद कर दिया है जिससे नई मिसाइलें लाना मुश्किल हो गया है. इससे ईरान की हमले करने की क्षमता बहुत कम हो गई है और पूरा क्षेत्र थोड़ा शांत होने लगा है.
साभार आज तक

