सेना के सम्मान और जिंदा शहीदों के अभिनंदन के साथ विद्यासागर स्कूल में मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस
हेलीकॉप्टर से हुई अभूतपूर्व पुष्पवर्षा...
इंदौर। विद्यासागर स्कूल में देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस अत्यधिक उत्साह, उमंग और देशभक्ति की भावना के साथ भव्य एवं गरिमामय रूप से मनाया गया। इस ऐतिहासिक समारोह में सेना के सम्मान, शहीदों को श्रद्धांजलि और इंदौर में आए जिंदा शहीदों (कारगिल युद्ध के वीर योद्धाओं) के अभिनंदन पर विशेष फोकस रहा।
समारोह के मुख्य अतिथि महावीर चक्र से सम्मानित वीर योद्धा दिगेंद्र कुमार रहे। मुख्य अतिथि दिगेंद्र कुमार द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इस 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इतिहास में पहली बार एक अनूठी पहल देखने को मिली, जहाँ पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल द्वारा राष्ट्रीय ध्वज की सलामी और झंडा वंदन के इस गौरवशाली मौके पर देश के लिए कुर्बानियां देने वाले वीर शहीदों तथा कमांडो दिगेंद्र कुमार एवं सुरेंद्र सिंह के सम्मान में हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर उन्हें नमन किया गया व श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
राष्ट्रमंडल और राष्ट्रगान के सामूहिक गायन से पूरा विद्यालय प्रांगण राष्ट्रप्रेम की भावना से ओत-प्रोत हो उठा। ध्वजारोहण के पश्चात स्काउट व एनसीसी कैडेट्स द्वारा शपथ ली गई, जिसमें विद्यार्थियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं गौरव की रक्षा करने का संकल्प लिया।
इस गरिमामय आयोजन में विद्यालय के विद्यार्थी, शिक्षक, स्कूल समिति के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के वीर योद्धा लेफ्टिनेंट कर्नल सुरेंद्र कुमार, सुरेंद्र सिंह, मौर्य जी, उज्जैन से विशेष रूप से उपस्थित रमेश जाट और समाजसेवी मदन परमालिया की विशेष उपस्थिति रही।
रंगारंग एवं प्रेरणादायी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम की शुरुआत स्वतंत्रता दिवस समारोह के परिचय के साथ हुई, इसके साथ ही विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति से ओत-प्रोत काव्य-पाठ और समूह गीत ने पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंगों से रंग दिया और शिक्षकों के भाषण के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वतंत्रता के महत्व, राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों और देश के वीर सैनिकों के त्याग व बलिदान से परिचित कराया गया। इस मौके पर विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत 'माइम एक्ट' ने बिना शब्दों के प्रभावशाली अभिनय के जरिए गहरा संदेश दिया।
वीर योद्धाओं के अनुभव और सम्मान...
कार्यक्रम के अगले चरण में रैंक सेरेमनी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों के अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं जिम्मेदारी की भावना को सम्मानित किया गया। कारगिल युद्ध के वीर योद्धा दिगेंद्र कुमार, लेफ्टिनेंट कर्नल सुरेंद्र कुमार और मौर्य जी का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। विद्यालय परिवार की ओर से मुख्य अतिथि दिगेंद्र कुमार को स्वागत, स्वरूप तुलसी का पौधा, स्मृति-चिह्न और गीता रामेश्वरम ट्रस्ट द्वारा सम्मान-पत्र भेंट किया गया।
महावीर चक्र विजेता दिगेंद्र कुमार ने अपने सैन्य अनुभवों और राष्ट्र सेवा की गाथाओं के माध्यम से विद्यार्थियों में साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का संचार किया। कारगिल युद्ध के दौरान शत्रुओं का दमन करने और कारगिल युद्ध का पहला झंडा शत्रु की छाती पर गाड़ने के रोमांचक दृश्यों को उन्होंने अपनी सरल व भावपूर्ण वाणी से जीवंत कर दिया। उनके ओजस्वी वचनों ने उपस्थित सभी जनों में राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को और अधिक प्रबल कर दिया।
इसके साथ ही, सत्यनारायण जी पटेल ने अपने प्रेरक उद्बोधन में हेलीकॉप्टर द्वारा पहली बार इस प्रकार का आयोजन कर देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस को मनाने के अपने अनुभव साझा किए और विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या भावना पुजारी द्वारा आभार व्यक्त किया गया।
संपूर्ण विद्यालय प्रांगण "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम्" के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा। इस ऐतिहासिक आयोजन ने सभी को यह संदेश दिया कि स्वतंत्रता केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों, जिम्मेदारियों और सर्वोच्च त्याग की भावना का नाम है।

