22 से 24 नवम्बर तक होगा “ निमाड़ उत्सव का भव्य आयोजन
झलकेगी विभिन्न लोक संस्कृतियों की छटा
प्रेमचंद गुप्ता
महेश्वर। पर्यटन एवं ऐतिहासिक नगरी महेश्वर में 22 से 24 नवम्बर तक “निमाड़ उत्सव 2025” का रंगारंग आयोजन होने जा रहा है। यह उत्सव निमाड़ की लोक संस्कृति, कला और परंपरा को समर्पित रहेगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में लोकगीत, नृत्य, कवि सम्मेलन, नौका सज्जा, खेल प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी, जिनसे निमाड़ की समृद्ध लोकधारा सजीव होगी।
पहले दिन 22 नवम्बर को निमाड़ उत्सव का शुभारंभ भक्ति संगीत से होगा, जिसमें सुप्रसिद्ध गायक लखवीर सिंह लक्खा और साथी (नई दिल्ली) प्रस्तुति देंगे।
इसी दिन प्रातः 8 बजे विशाल रैली, कबड्डी प्रतियोगिता और नौका सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा।
23 नवम्बर को बाड़मेर के भुट्टे खाँ एवं साथियों द्वारा मांगणियार गायन, पुरी के श्री चन्द्रमणी प्रधान एवं साथियों द्वारा गोटीपुआ नृत्य एवं बड़ौदा के विजय भाई राठवा एवं साथियों द्वारा राठ नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। इसी दिन निमाड़ी कवियों द्वारा भी प्रस्तुति दी जाएगी। निमाड़ी कवियों में मोहन परमार (खरगोन), दिलीप काले (महेश्वर), श्री राम शर्मा परिंदा (मनावर), जितेंद्र यादव (कसरावद), धन सिंह सेन (जलकोटा) एवं बिहारी पाटीदार गांव वाला (उमिया धाम करोंदिया) द्वारा अपनी रचनाएं प्रस्तुत की जाएगी। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता पद्मश्री जगदीश जोशीला द्वारा की जाएगी।
23 नवम्बर को मंच पर मांगलिगीत, गोटिपुआ नृत्य (पुरी) और राठ नृत्य जैसी पारंपरिक प्रस्तुतियाँ होंगी। वहीं शाम को प्रसिद्ध निमाड़ी कवि सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें मोहन परमार, दिलीप काले, दिनेश सेन सहित कई चर्चित कवि अपनी कविताएँ सुनाएंगे। इसी दिन कुश्ती प्रतियोगिता प्रातः 9 बजे से उत्कृष्ट विद्यालय में तथा दोपहर 12 से 3 बजे तक देवी अहिल्या किला में मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन होगा।
24 नवम्बर को उत्सव का समापन लोकनृत्यों के साथ होगा। 24 नवम्बर को शास्त्रीय एवं लोकनृत्य की प्रस्तुतियां आयोजित होगी। इसमें खरगोन की गौरी देशमुख एवं समूह द्वारा कथक नृत्य, खण्डवा की अनुजा जोशी एवं समूह द्वारा गणगौर नृत्य और खण्डवा के श्री रामदास साकल्ले एवं समूह द्वारा काठी नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। इसी दिन राष्ट्रीय कवि सम्मेलन भी आयोजित होगा। इसमें राष्ट्रीय कवि सुदीप भोला, डॉ. शंभूसिंह मनहर, भुवन मोहिनी, नरेंद्र श्रीवास्तव अटल एवं राम भदावर ’ओज’ कविता पाठ करेंगे। जिसमें सूत्रधार बुद्धिप्रकाश दाधीच होंगे। 24 नवम्बर को ही दोपहर 2 से 3 बजे तक देवी अहिल्या किला में रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।

