रिलीज से एक दिन पहले इंदौर में 'Governor' की स्पेशल स्क्रीनिंग; मेकर्स के जबरदस्त कॉन्फिडेंस को मीडिया और समीक्षकों ने सराहा

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सह संपादक अनिल चौधरी 
इंदौर।  भारतीय सिनेमा की सबसे बहुप्रतीक्षित पॉलिटिकल-इकोनॉमिक थ्रिलर फिल्म 'Governor अपनी भव्य रिलीज से ठीक एक दिन पहले सुर्खियों में है। मेकर्स ने फिल्म को लेकर अपने अटूट विश्वास का प्रदर्शन करते हुए आज इंदौर के एक प्रतिष्ठित मल्टीप्लेक्स में मीडिया, फिल्म समीक्षकों और शहर के प्रमुख इन्फ्लुएंसर्स के लिए एक 'स्पेशल प्रिव्यू स्क्रीनिंग' का आयोजन किया।
आमतौर पर बॉलीवुड में फिल्म की कमियों को छुपाने या खराब रिव्यूज से बचने के लिए रिलीज के दिन तक सस्पेंस रखा जाता है, लेकिन रिलीज से पूरे 24 घंटे पहले इंदौर जैसे बड़े मार्केट में स्क्रीनिंग रखना मेकर्स के उस सॉलिड कॉन्फिडेंस को दर्शाता है, जो उन्हें अपनी स्क्रिप्ट और कंटेंट पर है।
सच्ची घटना और दमदार अभिनय का बेजोड़ संगम
यह फिल्म 1990 के दशक में भारत पर आए उस ऐतिहासिक आर्थिक संकट (Economic Crisis) की कहानी को पर्दे पर लाती है, जब देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग खत्म हो चुका था। फिल्म में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मनोज बाजपेयी ने 'रमन' नामक एक ऐसे दूरदर्शी ब्यूरोक्रेट का किरदार निभाया है, जिसने पर्दे के पीछे रहकर देश को वित्तीय दिवालियेपन से बचाया था।

  मेकर्स का मास्टरस्ट्रोक: इंदौर की मीडिया और क्रिटिक्स के सामने फिल्म को पहले पेश करना मेकर्स की एक सोची-समझी रणनीति है। स्क्रीनिंग से आ रहे शुरुआती रुझान बेहद सकारात्मक हैं, जो फिल्म के लिए एक मजबूत 'वर्ड ऑफ माउथ' तैयार कर रहे हैं।
 मनोज बाजपेयी का एक और मास्टरक्लास:
स्क्रीनिंग से बाहर आए समीक्षकों ने मनोज बाजपेयी के अभिनय को उनके करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक बताया है। उनके चेहरे के भाव और गंभीर डायलॉग डिलीवरी ने दर्शकों को बांधे रखा।
  इंदौर से मिला शानदार रिस्पॉन्स: 'मिनी मुंबई' कहे जाने वाले इंदौर की जनता और मीडिया अपने बेबाक रिव्यूज के लिए जानी जाती है। स्क्रीनिंग के दौरान थिएटर में कई मौकों पर तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई दी, जो इस बात का सबूत है कि फिल्म दर्शकों के दिलों को छूने में कामयाब रही है।

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