जन्मदिन पर गौसेवा का अनूठा संकल्प: अभिषेक जैन "मोनू" ने गौशाला में कराया 56 भोग का विशेष आहार
अतुल जैन
होटल और पार्टियों से अलग चुना सेवा का मार्ग, मां बंगलावाली गौशाला में गौमाताओं को खिलाए फल, चारा और पौष्टिक सानी
बामौरकलां। आधुनिक दौर में जहां जन्मदिन का मतलब होटल, रेस्टोरेंट और भव्य पार्टियों तक सीमित होता जा रहा है, वहीं समाजसेवी एवं गौसेवक अभिषेक जैन "मोनू" ने अपने जन्मदिन को सेवा, संस्कार और भारतीय परंपरा से जोड़कर एक अनूठी मिसाल पेश की। उन्होंने अपना जन्मदिन मां बंगलावाली गौशाला में मनाते हुए गौमाताओं की सेवा की और उनके लिए 56 प्रकार की सामग्रियों से विशेष पौष्टिक सानी तैयार कराई।
गौशाला में इस अवसर पर विशेष हरी घास, तरबूज, केले, आम, नींबू, लौकी, आलू, चना सहित विभिन्न फल एवं खाद्य सामग्री एकत्रित कर पारंपरिक तरीके से मिश्रित की गई। इसके बाद यह विशेष आहार गौवंशों को प्रेमपूर्वक खिलाया गया। गौसेवा के इस आयोजन ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।
("एक जन्मदाता मां और दूसरी गौमाता")
अभिषेक जैन "मोनू" ने कहा कि उनकी हमेशा से यह सोच रही है कि जीवन के महत्वपूर्ण अवसर केवल मित्रों और रिश्तेदारों के बीच ही नहीं, बल्कि मां की गोद में भी मनाए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा, "एक जन्मदाता मेरी मां हैं, जिन्होंने मुझे जन्म दिया और दूसरी गौमाता हैं, जिन्हें पूरे देश में मां का दर्जा प्राप्त है। गौमाता की सेवा से जो सुख और आशीर्वाद मिलता है, उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।"
(हर वर्ष गौशाला में मनाते हैं जन्मदिन और वैवाहिक वर्षगांठ)
अभिषेक जैन ने बताया कि वे निरंतर अपना जन्मदिन और शादी की सालगिरह गौशाला में मनाते हैं तथा परिवार के अन्य सदस्यों के शुभ अवसरों को भी गौसेवा से जोड़ने का प्रयास करते हैं। इस बार उन्होंने कुछ नया करने की सोच के साथ 56 प्रकार की सामग्रियों से विशेष सानी तैयार कर गौमाताओं को अर्पित की।
उन्होंने कहा कि मां बंगलावाली गौशाला में गौवंशों के लिए निरंतर सेवा कार्य होते रहते हैं और यहां गौमाताओं को समय-समय पर विशेष आहार भी उपलब्ध कराया जाता है।
(समाज से की भावनात्मक अपील)
गौसेवक अभिषेक जैन "मोनू" ने समाज से अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने जन्मदिन, शादी की सालगिरह या किसी भी शुभ अवसर पर कम से कम एक गाय की सेवा अवश्य करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "यदि हर परिवार अपने किसी उत्सव पर एक गाय को भी भोजन कराए, तो यह गौसंरक्षण और भारतीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम होगा।"
(सेवा और संस्कार का बना प्रेरणादायी उदाहरण)
मां बंगलावाली गौशाला में आयोजित यह आयोजन केवल जन्मदिन का उत्सव नहीं, बल्कि समाज को सेवा, संवेदना और संस्कारों का संदेश देने वाला एक प्रेरणादायी प्रयास बन गया। अभिषेक जैन "मोनू" की इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है और लोग इसे समाज के लिए अनुकरणीय कदम बता रहे हैं।

