रामनगर फ्लाईओवर पर नही रूक रही दुर्घटनाए, अज्ञात वाहन की टक्कर से एक ओर की मौत, दूसरा घायल
देवास। रामनगर से बावडिया तक बने फ्लाईओवर पर दुर्घटनाएं कम होने का नाम नही ले रही है। शहर के रामनगर ब्रिज पर एक और दर्दनाक हादसा शनिवार को रात को घटित हुआ, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया। रात के समय तेज रफ्तार कार की टक्कर से एक्टिवा सवार दो लोग घायल हो गए, जिनमें से एक की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। हादसे के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर ब्रिज पर आवागमन को बंद करने का निर्णय लिया। इस घटना ने शहरवासियों में आक्रोश और चिंता बढ़ा दी है।

यह हादसा तब हुआ जब इंदौर की ओर से देवास आ रही एक एक्टिवा को विकास नगर ब्रिज पर पीछे से तेज रफ्तार कार ने टक्कर मारी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक्टिवा सवार दोनों व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर राहुल गेहलोत ने 30 वर्षीय ऋषव पटेल, निवासी नाहर दरवाजा चौराहा को मृत घोषित कर दिया। वहीं, 45 वर्षीय कमलेश पटेल, निवासी तुकोगंज रोड बड़ा बाजार, को गंभीर चोटें आई हैं और उनका उपचार जिला अस्पताल में जारी है। जानकारी के अनुसार ब्रिज पर आवागमन शुरू होने के बाद से अब तक लगभग 29 लोगों की मौत हो चुकी है।
घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली थाना प्रभारी अजय गुर्जर और अन्य अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे। इसके साथ ही महापौर गीता अग्रवाल, विधायक व महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल, सभापति रवि जैन, भाजपा नेता सुमेरसिंह दरबार और स्थानीय पार्षद भी देर रात घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय नेताओं ने हालात की गंभीरता को देखते हुए तुरंत निर्णय लिया, कि ब्रिज पर वाहनों का आवागमन रोक दिया जाए। उन्होंने मौके पर बैरिकेड लगवाकर ब्रिज को अस्थायी रूप से बंद करवा दिया।
शहरवासियों में आक्रोश-
शहरवासियों में इस हादसे को लेकर गहरा आक्रोश है। विकास नगर ब्रिज पर आएदिन हादसे हो रहे हैं। कई लोग इस ब्रिज की डिजाइन और निर्माण को लेकर पहले से ही सवाल उठा रहे थे।
कांग्रेस नेता प्रदीप चौधरी ने इसे जबरन ब्रिज नाम दिया था। उनका कहना था कि इसे बनाने के दौरान लोगों की राय नहीं ली गई थी। लोगों का कहना है कि ब्रिज की चौड़ाई बेहद कम है, जिस कारण वाहन चालक ओवरटेकिंग करते हैं और हादसे हो जाते हैं। साथ ही, यहां वाहनों की तेज रफ्तार पर कोई नियंत्रण नहीं है।
जनता ने की मांग-
ब्रिज को वन-वे किया जाए, ताकि वाहनों की टक्कर की आशंका कम हो। सुरक्षा के उपाय किए जाएं, ब्रिज पर डिवाइडर और मजबूत जाली लगाई जाए। ओवरस्पीडिंग पर नियंत्रण, ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती और स्पीड कंट्रोल कैमरे लगाए जाएं। ब्रिज के डिज़ाइन पर पुनर्विचार कर ब्रिज की चौड़ाई बढ़ाई जाए और वाहनों के लिए सुरक्षित मार्ग बनाए जाएं।
शहरवासियों का कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो जनता आंदोलन करने पर मजबूर होगी। सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चा का दौर चल रहा है। जनता का कहना है, कि मांगों पर गंभीरता से विचार करना होगा, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके और लोगों की जान सुरक्षित रहे।
सुंदरकाण्ड पाठ का हुआ आयोजन
संस्था जन चेतना वीर सावरकर के तत्वाधान में आए दिन ब्रिज पर हो रही दुर्घटनाओं पर रोकथाम को लेकर ईश्वर से प्रार्थना करते हुए प्रवीण वर्मा एवं टीम द्वारा एपेक्स हॉस्पिटल के सामने सुंदरकांड का पाठ रखा गया। ताकि ब्रिज पर हो रही घटनाओं पर विराम लगे और भगवान सबकी रक्षा करें। साथ ही शासन-प्रशासन से निवेदन किया गया कि स्थाई डिवाइडर के निर्माण के बाद ही फ्लाई ओवर ब्रिज पर आवागमन शुरू किया जाए।
---------------------------------------
दस दिनों में ब्रिज पर सुरक्षा इंतजाम नहीं हुए तो देंगे धरना-पं. दीपेश कानूनगो
देवास। शहर में आए दिन रामनगर से बावडिया तक बने ब्रिज पर दुर्घटनाएं हो रही है। इन दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान चली गई है। ब्रिज पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। वार्ड क्र. 9 के कांग्रेस पार्षद पं. दीपेश कानूनगो ने बताया कि इस ब्रिज का निर्माण सही मापदंडों केे आधार पर नहीं किया गया, साथ ही इस ब्रिज का स्थान भी परिवर्तित कर दिया गया जिस कारण से इस ब्रिज से गुजरने वाले कई लोग काल के गाल में समा गए हैं, और दुर्घटनाएं रूकने का नाम नहीं ले रही है। कानूनगो ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द ब्रिज पर सुरक्षा के इंतजाम किए जाए जिससे कि होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही श्री कानूनगो ने चेतावनी दी है कि अगर दस दिनों में ब्रिज पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो वे आमजन के साथ ब्रिज पर धरना प्रदर्शन करेंगे।

