मानसून से पूर्व प्रशासन सतर्क: नदी-नालों की सफाई और जर्जर भवनों पर कार्रवाई के निर्देश, ग्राम पंचायतों में सप्ताह में दो दिन होगी जनसुनवाई
एसडीएम ममता शाक्य ने ली समीक्षा बैठक, सभी विभाग प्रमुखों को दिए आपदा प्रबंधन के सख्त निर्देश
अतुल जैन
पिछोर। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट शिवपुरी अर्पित वर्मा के निर्देशन में आगामी मानसून सत्र 2026 को दृष्टिगत रखते हुए वर्षा एवं बाढ़ आपदा प्रबंधन से निपटने की तैयारियों को लेकर पिछोर अनुविभागीय दंडाधिकारी राजस्व श्रीमती ममता शाक्य द्वारा सोमवार को नवीन तहसील कार्यालय पिछोर में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पिछोर एवं खनियाधाना अनुविभाग के सभी विभाग प्रमुख उपस्थित रहे।
(मंगलवार एवं शुक्रवार को होगी ग्राम स्तरीय जनसुनवाई)
एसडीएम श्रीमती ममता शाक्य ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार अब प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को सभी ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही त्वरित निराकरण करना है। सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया गया कि वे जनसुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें।
(नदी-नालों की सफाई और अतिक्रमण हटाने पर जोर)
समीक्षा बैठक में एसडीएम ने मानसून के दौरान बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित न हो, इसके लिए पिछोर एवं खनियाधाना के मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को स्पष्ट निर्देश दिए कि उनके क्षेत्राधिकार में आने वाले सभी नदी, नाले एवं तालाबों की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए। उन्होंने कहा कि जल निकासी के रास्तों को अवरुद्ध होने से बचाने के लिए यह कार्य प्राथमिकता पर किया जाए।
जल संसाधन विभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि नगर एवं क्षेत्र के सभी तालाबों के वेस्ट वियर की सफाई कराई जाए। साथ ही यदि कहीं पर अतिक्रमण किया गया है तो उसे तत्काल हटवाया जाए। एसडीएम ने कहा कि नगर, शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से गुजरने वाले नदी-नालों की सफाई के साथ-साथ जल भराव वाले संवेदनशील स्थानों की पहचान कर आपदा राहत दल का गठन भी किया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
(जर्जर स्कूल भवनों से बच्चों को शिफ्ट करने के निर्देश)
बैठक में शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए दोनों विकासखंडों के बीआरसीसी को निर्देश दिए गए कि उनके क्षेत्र में जो भी विद्यालय भवन जर्जर स्थिति में हैं, उनमें अध्ययनरत बच्चों को तत्काल अन्य सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मानसून के दौरान जर्जर भवनों में कक्षाएं संचालित न हों। इसके साथ ही विद्यालय परिसर के आसपास यदि किसी व्यक्ति द्वारा अतिक्रमण किया गया है तो उसकी सूची बनाकर तत्काल प्रस्तुत करें, ताकि प्रशासन द्वारा अतिक्रमण मुक्ति की कार्रवाई की जा सके।
(पहुंच विहीन क्षेत्रों में अग्रिम खाद्यान्न भंडारण के निर्देश)
एसडीएम श्रीमती शाक्य ने खाद्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मानसून के दौरान पहुंच विहीन हो जाने वाले ग्रामों एवं मजरा-टोलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न का अग्रिम भंडारण सुनिश्चित किया जाए। जिससे बारिश के मौसम में राशन वितरण व्यवस्था बाधित न हो और ग्रामीणों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके अतिरिक्त बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, लोक निर्माण विभाग सहित सभी विभागों की मानसून पूर्व तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई। एसडीएम ने सभी विभाग प्रमुखों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा किसी भी आपात स्थिति के लिए 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए।
(ये रहे उपस्थित)
बैठक में जिला अतिरिक्त सीईओ एन.एस. नरवरिया, तहसीलदार शिवशंकर सिंह गुर्जर, नायब तहसीलदार रामनरेश आर्य, सीएमओ पिछोर आनंद शर्मा, सीईओ जनपद खनियाधाना मोगराज मीणा, सीडीपीओ अरविंद तिवारी, बीआरसीसी पिछोर संजय भदोरिया, बीआरसीसी खनियाधाना सुरेश गुप्ता, आशीष परिहार, पीडब्ल्यूडी अधिकारी राजपाल लोधी, सब इंजीनियर संजय गुप्ता, दिनेश पांडे, राकेश प्रजापति सहित अन्य विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

