अनियमितता पर कृषि कीटनाशक विक्रेता की दुकान सील; रबी फसलों हेतु उर्वरक उठाव एवं नरवाई न जलाने की अपील

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शिवपुरी ज़िला ब्यूरो हेमंत भार्गव
शिवपुरी। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार एवं उप संचालक (कृषि) श्री मुनेश कुमार शाक्य के मार्गदर्शन में जिले में कृषि आदान विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों की जांच हेतु औचक निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गुरूवार को वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एस.एस. जाटव एवं विकासखंड स्तरीय दल द्वारा एम.एम. हॉस्पिटल के पास स्थित कीटनाशक विक्रेता प्रतिष्ठान मैसर्स दाउ ट्रेडर्स (प्रो. अंकेश धाकड़, विकासखंड शिवपुरी) का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों द्वारा उक्त प्रतिष्ठान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।

उप संचालक (कृषि) श्री शाक्य ने रबी मौसम 2026-27 को ध्यान में रखते हुए जिले में उर्वरक एवं बीज की उपलब्धता व वितरण व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में किसान भाइयों द्वारा रबी फसलों के लिए उर्वरकों का उठाव किया जा रहा है। कृषि विभाग ने जिले के कृषकों से अपील की है कि वे केवल डीएपी पर निर्भर न रहकर इसके विकल्प के रूप में एनपीके तथा कॉम्प्लेक्स उर्वरकों का उठाव करें।

इसके लिए मैदानी अमले (ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों) और कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से ग्राम स्तर पर कृषक संगोष्ठियों का आयोजन कर किसानों को जागरूक किया जा रहा है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए नत्रजन, स्फुर एवं पोटाश का अनुशंसित मात्रा में ही उपयोग करें तथा जैविक खादों के प्रयोग पर विशेष जोर दें।

नरवाई (पराली) जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध, जुर्माना लगाने के निर्देश
कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा द्वारा जिले में खेत में पराली/नरवाई जलाना पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। नियम का उल्लंघन करते हुए पाए जाने पर संबंधित कृषक अथवा व्यक्ति के विरुद्ध 2,500 रुपये से लेकर 15,000 रुपये तक के अर्थदंड (जुर्माना) की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग ने खरीफ 2026 में मक्का एवं धान की फसल कटाई के उपरांत खेतों में नरवाई/पराली जलाने से बचने की सख्त हिदायत दी है। नरवाई जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होने के साथ-साथ मिट्टी के लाभदायक सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं और भूमि की जल धारण क्षमता एवं उर्वरता प्रभावित होती है।

आधुनिक कृषि यंत्रों को अपनाने की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे नरवाई में आग लगाने के स्थान पर सुपरसीडर, हैप्पीसीडर, स्मार्टसीडर एवं रोटावेटर जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रयोग करें। इन यंत्रों के उपयोग से फसल अवशेष खेत की मिट्टी में ही मिलकर कार्बनिक पदार्थों की मात्रा बढ़ाएंगे, जिससे भूमि की उपजाऊ क्षमता बढ़ेगी और आगामी रबी फसल की उत्पादकता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

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