कल्याणी में गंदगी, जलभराव और अनियमितताओं से घिरा अंबेडकर भवन

  • Share on :

ग्रामीणों ने प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई
दिव्यानंद अर्गल 
ग्वालियर । जनपद पंचायत डबरा की ग्राम पंचायत कल्याणी में विकास कार्यों और पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गांव का अंबेडकर भवन लंबे समय से बदहाली का शिकार बना हुआ है। भवन परिसर में चारों ओर गंदगी फैली हुई है, जबकि पास से गुजरने वाले नाले का गंदा और बदबूदार पानी लगातार परिसर में भर रहा है। इससे भवन की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर बना यह भवन गांव की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है, लेकिन पंचायत की अनदेखी के कारण इसकी हालत जर्जर हो गई है। परिसर में जलभराव और गंदगी के चलते लोगों को यहां आने-जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कई बार शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
गांव के कुबेर सिंह, रणवीर, संतोष, भारत, छोटू और पवन सहित अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत और सरपंच से अंबेडकर भवन की मरम्मत, साफ-सफाई और नाले की समस्या के समाधान की मांग की, लेकिन आज तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

नाला निर्माण में अनियमितताओं के आरोप
ग्रामीणों ने पंचायत द्वारा कराए गए नाला निर्माण कार्य पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया और घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। इसके कारण नाला कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। नतीजा यह है कि गंदा पानी सड़कों और आसपास के क्षेत्रों में फैल रहा है तथा अंबेडकर भवन परिसर भी इसकी चपेट में आ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप किया गया होता तो आज ऐसी स्थिति नहीं बनती। उन्होंने नाला निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पंचायत संचालन को लेकर भी उठे सवाल
मामले का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू पंचायत संचालन को लेकर लगाए जा रहे आरोप हैं। ग्रामीणों का दावा है कि पंचायत की निर्वाचित सरपंच गुड्डी आदिवासी हैं, लेकिन पंचायत के अधिकांश निर्णय गांव के ही एक प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा लिए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वही व्यक्ति अधिकारियों से संपर्क कर पंचायत के कार्यों का संचालन कर रहा है। ग्रामीणों ने इसे "ठेके पर सरपंची" बताते हुए कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधि की भूमिका सीमित होकर रह गई है, जबकि पंचायत की वास्तविक कमान किसी अन्य व्यक्ति के हाथों में है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह पंचायत राज व्यवस्था की मूल भावना के विपरीत है।

स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल
ग्रामीणों के अनुसार गांव में स्वच्छता व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। कई स्थानों पर गंदगी फैली हुई है और नालियों का पानी सार्वजनिक स्थलों तक पहुंच रहा है। इससे मच्छरों और संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वच्छता को लेकर पंचायत के दावे केवल कागजों तक सीमित नजर आते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनकी मांग है कि अंबेडकर भवन की तत्काल मरम्मत कराई जाए, परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, नाले की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए तथा कथित भ्रष्टाचार और पंचायत संचालन से जुड़े आरोपों की जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

इन्होंने क्या कहा
अंबेडकर भवन को हटाकर नया निर्माण कराने के लिए मैं पिछले तीन साल से सरपंच से चर्चा कर रहा हूं, लेकिन अभी तक यह कार्य नहीं हो पाया है। यह बात सही है कि कुछ दबंग लोग सरपंच को स्वतंत्र रूप से काम नहीं करने दे रहे हैं। मैं स्वयं सरपंच से पुनः चर्चा करूंगा और शासकीय प्रक्रिया के तहत इस भवन का पुनर्निर्माण कराया जाएगा।
               - सुरेश राजे , विधायक , डबरा

आपके द्वारा यह मामला मेरे संज्ञान में लाया गया है , मैं अंबेडकर भवन की स्थिति और नाले की भी जांच करवाऊंगी । यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमित या लापरवाही पाई जाती है तो जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी ।
                - उषा पी. शर्मा , जनपद सीईओ, डबरा

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper