विजयादशमी पर कोठी गांव में रंगमंच और शीतला मंदिर निर्माण की घोषणा
स्थानीय कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी लोककला और पारंपरिक नाचा की प्रस्तुति से बांधा समां, जिला पंचायत सभापति लेखराज ध्रुव हुए शामिल
छुरा। छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमावर्ती क्षेत्र के अंतिम ग्राम पंचायत कोठी में विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गांव में धार्मिक आस्था के साथ छत्तीसगढ़ की लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सभापति लेखराज ध्रुव शामिल हुए। आयोजन के दौरान गांव में रंगमंच निर्माण और शीतला मंदिर निर्माण की घोषणा की गई, जिससे ग्रामीणों में उत्साह का माहौल रहा।
विजयादशमी के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण गांव के स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ी लोककला पर आधारित पारंपरिक नाचा रहा। नवसृजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की लोकपरंपराओं, ग्रामीण जीवन और सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत करने का प्रयास किया। स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। गांव में आयोजित इस कार्यक्रम ने धार्मिक उत्सव के साथ लोकसंस्कृति को आगे बढ़ाने का संदेश भी दिया।
ग्रामीण अंचलों में दशहरा जैसे पर्व केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहते, बल्कि सामाजिक एकता, आपसी मेल-मिलाप और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का माध्यम भी बनते हैं। कोठी गांव में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर मिला। वहीं, रंगमंच निर्माण की घोषणा से भविष्य में गांव के कलाकारों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए स्थायी मंच उपलब्ध होने की उम्मीद है। शीतला मंदिर निर्माण की घोषणा को भी ग्रामीणों की धार्मिक आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय माना जा रहा है।
कार्यक्रम में दामोदर सोरी, श्यामलाल सोरी, गुलाब सोरी, सहदेव विश्वकर्मा, किरण विश्वकर्मा, चैतराम नागेश, अरविंद जायसवाल, जगदेव मरकाम, कतीराम, भीमसेन, गंगाराम, दिलीप, बसंत, यशवंत, नैनसिंह, बल्ला, ओमकार, लांछन, आनंद, दवाद राम, दयालाल, केक्तू राम, विजय, कलीराम, सोनसाय, पुराणिक, शोहद्रा बाई, गीता, मीना और सुनती सहित अन्य ग्रामीणों की सहभागिता रही।

