सहजयोग के माध्यम से आत्मबोध द्वारा सत्-चित्-आनंद की प्राप्ति

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परमपिता परमात्मा का स्वरूप सत्-चित्-आनंद है। सत् अर्थात् सत्य, चित् अर्थात् चेतना तथा आनंद परम अनुभूति का प्रतीक है। परमात्मा स्वयं सृष्टि के कार्यों में प्रत्यक्ष रूप से संलग्न नहीं होते, अपितु समस्त सृष्टि के आधार एवं प्रेरक शक्ति के रूप में साक्षी भाव में स्थित रहते हैं। जैसे प्रकाश प्रत्येक कार्य का आधार होता है, किंतु स्वयं उन कार्यों में भाग नहीं लेता, उसी प्रकार परमात्मा समस्त सृष्टि के मूल आधार हैं।
परमात्मा का चित् स्वरूप चेतना एवं ध्यान का प्रतिनिधित्व करता है। जब यह चेतना स्पंदित होती है, तभी सृष्टि की रचना का क्रम प्रारंभ होता है। आनंद परमात्मा की अपनी ही रचना से प्राप्त होने वाली दिव्य अनुभूति है। जब सत्, चित् और आनंद एकत्व की अवस्था में स्थित होते हैं, तब ब्रह्म का सिद्धांत प्रकट होता है। सृष्टि के विकास के साथ आनंद की अभिव्यक्ति भी क्रमशः स्थूल रूप धारण करती है और भौतिक जगत का विस्तार होता है।
    आध्यात्मिक साधना का उद्देश्य इस यात्रा को पुनः परम सत्य की ओर ले जाना है। जैसे-जैसे साधक की चेतना विकसित होती है, वैसे-वैसे स्थूलता का आवरण हटने लगता है और आनंद का अनुभव अधिक व्यापक एवं गहन होता जाता है। तब साधक अनुभव करता है कि परमात्मा की रचनात्मक शक्ति मनुष्य के माध्यम से अभिव्यक्त होती है, उनका आनंद मानव जीवन में प्रवाहित होता है तथा उनका दिव्य प्रकाश आत्मा के रूप में प्रत्येक हृदय में विद्यमान है। यही प्रकाश मनुष्य को धर्म, ईश्वर और शाश्वत सत्य की ओर अग्रसर करता है।
वास्तविक स्वतंत्रता का अर्थ बाहरी बंधनों से मुक्त होना नहीं, बल्कि अपने स्व के तंत्र को जानना तथा सूक्ष्म एवं स्थूल शरीर की आध्यात्मिक उत्थान में भूमिका को समझना है। इसी आत्मबोध के माध्यम से मनुष्य सृजन के वास्तविक आनंद का अनुभव कर सकता है। यही कारण है कि मनुष्य को सृष्टि का सर्वोच्च शिखर कहा गया है।
इस आत्मबोध की प्राप्ति का सहज एवं प्रमाणिक माध्यम सहजयोग है। कुंडलिनी जागरण द्वारा आत्मसाक्षात्कार प्राप्त होने पर साधक सत्-चित्-आनंद का प्रत्यक्ष अनुभव करता है तथा नियमित ध्यान-धारणा के माध्यम से आध्यात्मिक उत्थान के उच्चतम शिखर तक सहज रूप से पहुँच सकता है।
सहजयोग पूर्णतः निःशुल्क है। सहजयोग के संबंध में अधिक जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1800 2700 800 अथवा www.sahajayoga.org.in पर सम्पर्क करें। सहजयोग पूर्णतया निशुल्क है।

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