ऑस्ट्रेलिया का 'सप्तक': इंग्लैंड को 7 विकेट से रौंदकर रिकॉर्ड 7वीं बार जीता महिला टी20 विश्व कप का खिताब
लंदन। गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद बेथ मूनी के अर्धशतक की मदद से ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को हराकर महिला टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया है। ऑस्ट्रेलिया ने सातवीं बार इस टूर्नामेंट की ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच में टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला लिया। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में चार विकेट पर 150 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 17.1 ओवर में तीन विकेट पर 153 रन बनाकर मैच अपने नाम किया।
महिला टी20 विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच यह चौथी भिड़ंत थी और ऑस्ट्रेलिया ने अपना दबदबा बरकरार रखा। ऑस्ट्रेलिया टीम ने इंग्लैंड को सात विकेट से हराकर फाइनल में इस टीम के खिलाफ लगातार चौथी जीत दर्ज की। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने 2012, 2014 और 2018 के फाइनल में भी इंग्लैंड को हराकर खिताब जीता था। अब 2026 के फाइनल में भी जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के खिलाफ विश्व कप फाइनल में अपना रिकॉर्ड 4-0 कर लिया और रिकॉर्ड सातवीं बार महिला टी20 विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की है।
लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने जॉर्जिया वॉल (9) का विकेट जल्द गंवा दिया था। इसके बाद बेथ मूनी ने फोएबे लिचफील्ड के साथ मिलकर साझेदारी आगे बढ़ाई। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 100 रनों की साझेदारी की। महिला टी20 विश्व कप के फाइनल में यह तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। मूनी ने इस दौरान अर्धशतक भी जड़ा। लिचफील्ड भी पचासा जड़ने के करीब पहुंच गई थीं, लेकिन चार्ली डिन ने उन्हें बोल्ड कर इस साझेदारी को तोड़ा। मौजूदा टी20 विश्व कप में सर्वाधिक रन बनाने के मामले में दूसरे स्थान पर बेथ मूनी रहीं। उन्होंने सात मैचों की सात पारियों में 238 रन बनाए। उनका बल्लेबाजी औसत 59.50 रहा और वह तीन बार नाबाद लौटीं। उनका सर्वोच्च स्कोर 74 रन रहा। फाइनल में मूनी 49 गेंदों पर 10 चौकों की मदद से 64 रन और लिचफील्ड ने 35 गेंदों पर छह चौकों और दो छक्कों के सहारे 48 रन बनाए।
ऑस्ट्रेलिया की टीम जब जीत के करीब थी तो एलिस पेरी को जीवनदान मिला और रिव्यू में आउट का फैसला पलट गया। दरअसल, लिंसे स्मिथ की गेंद पर एक्लेस्टोन ने कैच पकड़ा, लेकिन गेंद मैदान को छू चुकी थी। दिलचस्प बात यह है कि पेरी पवेलियन की तरफ लौट गई थीं, लेकिन नॉटआउट करार दिए जाने के बाद वापस क्रीज पर लौटीं। एलिस पेरी 13 और एश्ले गार्डनर तीन रन बनाकर नाबाद रहीं। इंग्लैंड की ओर से चार्ली डिन, लॉरेन बेल और सोफी एक्लेस्टोन को एक-एक विकेट मिले।
इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड की बल्लेबाजी अच्छी नहीं रही और टीम ने 70 रन के अंदर चार विकेट गंवा दिए। हालांकि, कप्तान नैट सिवर ब्रंट दूसरे छोर पर टिकी रहीं। सिवर ब्रंट के अर्धशतक की मदद से इंग्लैंड ने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। इंग्लैंड के लिए कप्तान ब्रंट ने अर्धशतकीय पारी खेली और फ्रेया केम्प के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 80 रनों की अविजित साझेदारी की। ब्रंट 53 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 58 रन बनाकर नाबाद रहीं, जबकि केम्प ने 28 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से नाबाद 44 रन बनाए।
इंग्लैंड के लिए ब्रंट और केम्प के अलावा एलिस कैप्सी ही दहाई अंक तक पहुंच सकीं। कैप्सी ने 20 गेंदों पर दो चौकों और एक छक्के की मदद से 23 रन बनाए। डैनी वॉयट 8, एमी जोन्स 6 और हीथर नाइट 2 रन बनाकर आउट हुईं। ऑस्ट्रेलिया के लिए किम गार्थ, लुसी हैमिल्टन, सोफी मोलिन्यूक्स और एनाबल सदरलैंड ने एक-एक विकेट लिए।
साभार अमर उजाला

