अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी जांच: गवाह न बनने पर सह-आरोपी बन सकते हैं चंपत राय
लखनऊ। अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर से चढ़ावा चोरी की दो स्तरों पर हो रही जांच में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव रहे चंपत राय मुख्य भूमिका में हैं। जल्द ही यह तय हो जाएगा कि चंपत राय गवाह बनेंगे या फिर आरोपी। जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि चंपत राय गवाह नहीं बने तो सह आरोपी बनाए जा सकते हैं! अब तक की जांच में तो उन्होंने सकारात्मक सहयोग दिया है। मुकदमे में अभियोजन पक्ष के लिए चंपत राय की गवाही अहम होगी। इस नाते माना जा रहा है कि चंपत राय को ही पुलिस मुख्य साक्षी बना सकती है।
दरअसल, चंपत राय की गवाही ही मुकदमे का आधार बनेगी। एसआईटी और पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कर दिया है कि चढ़ावा चोरी के करीब 80 लाख रुपये ट्रस्ट के तत्कालीन महासिचव चंपत राय ने ही सौंपे थे। इसके बाद ही एसआईटी गठित हुई और प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद ट्रस्टी कृष्णमोहन की ओर से 8 नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ रामजन्मभूमि कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने वादी मुकदमा कृष्णमोहन की आरोपों के संबंध में गवाही दर्ज की है। चंपत राय से भी रुपयों की बरामदगी के संबंध में पूछताछ हुई है। एसआईटी ने भी कई चक्र पूछताछ की है।
वायरल वीडियो के मुताबिक चंपत राय पुलिस के साथ ही 5 जून को चढ़ावा चोरी की तलाश में निकले थे। उन्हें झोला लेकर निकलते भी देखा गया। इस नाते भी चंपत राय मुख्य गवाह माने जा रहे हैं। चंपत की गवाही आरोपों को साबित करने में मददगार साबित होगी और मुकदमे को मजबूती देगी। कानूनन भी चंपत राय को गवाही देनी पड़ेगी। यदि नहीं देते हैं तो उन्हें भी आरोपी बनाया जा सकता है। जांच से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि अब तक की जांच में कई उतार चढ़ाव आए हैं। चंपत राय के बयान के आधार पर आरोपियों से पूछताछ हुई है। चंपत राय ने जांच में अभी तक पूरा सहयोग दिया। हर रिकार्ड और तथ्य दिखाए हैं। हर सवाल का जवाब भी बेबाकी से दिया है।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

